राजनीति

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने एनकाउंटर को बताया सही, बोले- फरार होते अपराधियों के लिए यही पैटर्न अपनाए पुलिस

असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का विवादित बयान, एनकाउंटर को सही बताते हुए पुलिस को सिखाया कानूनी दांव पेंच
2 min read
• •
Updated: 6 Jul 2021, 12:42 PM IST
605.jpg

नई दिल्ली। असम (Assam) के मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता हिमंता बिस्वा सरमा ( CM Himanta Biswa Sarma ) का बड़ा बयान सामने आया है। बिस्वा ने कानून व्यवस्था (Law and Order) को बनाए रखने के लिए एनकाउंटर पॉलिसी (Encounter Policy) को सही कहा है।

यहीनहीं असम सीएम ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से सख्ती से निपटने का निर्देश भी दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पदभार संभालने के बाद हुए कई मुठभेड़ों को सही ठहराते हुए कहा कि अपराधी अगर भागने की कोशिश करते हैं या गोलीबारी करने के लिए पुलिस से हथियार छीनते हैं तो उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने का पैटर्न होना चाहिए।

यह भी पढ़ेँः Cabinet Expansion से पहले पीएम आवास पर होगी अहम बैठक, शाह और राजनाथ समेत शामिल होंगे
असम में मुठभेड़ की बढ़ती संख्या के बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सभी पुलिस थानों के प्रभारी अधिकारियों (ओसी) के साथ मीटिंग में कहा कि, 'कुछ लोगों ने मुझसे कहा कि आजकल अपराधी पुलिस के चंगुल से भाग रहे हैं और एनकाउंटर की बहुत घटनाएं हो रही हैं, क्या यह एक पैटर्न बन रहा है? मैंने उनसे कहा, हां यह पुलिसिंग पैटर्न होना चाहिए।'

यही नहीं सरमा ने ये भी कहा कि, 'बलात्कारी भागे और पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश करे तो पुलिस को गोली चलानी पड़ेगी, लेकिन छाती पर नहीं और कानून के मुताबिक आप पैरों पर गोली मार सकते हैं।'

सीएम ने कहा कि, हम असम पुलिस को देश के सर्वश्रेष्ठ पुलिसिंग संगठन में बदलना चाहते हैं। दरअसल असम में मई के बाद नई सरकार बनते ही करीब 12 संदिग्ध उग्रवादी और अपराधी मुठभेड़ में मारे गए हैं क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने हिरासत से भागने का प्रयास किया। इसके अलावा रेप के आरोपियों और पशु तस्करों सहित कई अन्य मुठभेड़ में जख्मी हुए हैं। यही वजह है कि एनकाउंटर को लेकर सीएम का बयान काफी अहम है।

पशु तस्करों को बख्सा नहीं जाएगा
असम सीएम बिस्वा ने कहा कि प्रदेश में पशुओं की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि, गाय हमारी भगवान है, वहीं ट्रैक्टर आने से पहले मवेशियों के जरिए ही खेती की जाती थी। लेकिन अब कुछ लोग पशु तस्करी और नशीली दवाओं की तस्करी में भी शामिल हो गए हैं। ऐसे में हमारी सरकार ऐसे तस्करों को छोड़ेगी नहीं।

Published on: