
नई दिल्ली। बिहार में चुनावी ( Bihar Election ) शोर थम चुका है। एक बार फिर NDA जनादेश मिला है। हालांकि, 2020 विधानसभा चुनाव में महागठबंन का भी प्रदर्शन काफी जबरदस्त रहा है। लेकिन, सबसे ज्यादा नुकसान JDU को हुआ। जदयू के कई दिग्गज नेता चुनाव हार गए। यहां तक की 10 मंत्री भी चुनावी पिच पर 'क्लीन बोल्ड' हो गए। हैरानी की बात ये है कि सात जिलों में जेडीयू का खाता तक नहीं खुला। इन जगहों पर सहयोगी दलों ने लाज बचाई।
JDU को बड़ा झटका
गया समेत मगध प्रमंडल में कुल 37 विधानसभा सीटें हैं, जहां जेडीयू का खाता तक नहीं खुला। 37 में से एनडीए के खाते में केवल छह सीटें गई हैं। इनमें तीन सीटों पर बीजेपी को जीत मिली, जबकि तीन अन्य सीटों पर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा ने लाज बचाई। वहीं, औरंगाबाद जिले की छह सीटों पर NDA का खाता तक नहीं खुला। वहीं, रोहतास में भी सात सीटों पर NDA को हार का सामना करना पड़ा। जहानाबाद की तीन सीटों पर भी NDA को झटका लगा है। वहीं, अरवल की दो सीटों पर NDA का खाता नहीं खुला। गया जिले में एक सीट पर बीजेपी को जीत मिली, जबकि तीन सीटों पर हम पार्टी ने जेडीयू की इज्जत बचाई। गया जिले में नीतीश सरकार के मंत्री तक चुनाव हार गए।
कई जिलों में JDU का खाता तक नहीं खुला
इधर, नवादा जिले में भी NDA को बड़ा झटका लगा है। वारसलीगंज सीट पर केवल बीजेपी को जीत मिली। जबकि, चार अन्य सीटों पर महागठबंधन का कब्जा रहा। यहां भी जेडीयू खाता खोलने में कामयाब नहीं हो पाई। हालांकि, गया में NDA और महागठबंधन के बीच 50-50 का मुकाबला रहा। लेकिन, जेडीयू को काफी नुकसान हुआ। गौरतलब है कि इस चुनाव में जेडीयू केवल 43 सीट जीतने में कामयाब रही। नीतीश सरकार में शामिल 10 मंत्री भी चुनाव हार गए। 2020 में 75 सीट जीतकर आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनी। वहीं, 74 सीटों के साथ बीजेपी दूसरी पार्टी बनी।