
नई दिल्ली। बिहार में चुनावी घमासान के बीच लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील पांडे ने चिराग पासवान ( Chirag Paswan ) को बड़ा झटका दिया है। भोजपुर से 4 बार विधायक रह चुके पांडे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि इस्तीफा देने के पीछे मुख्य वजह सुनील पांडे का तरारी विधानसभा सीट से एलजेपी टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा है। लेकिन एलजेपी में रहकर उनके लिए ऐसा कर पाना मुश्किल हो गया था। ऐसा इसलिए कि एनडीए में सीट शेयरिंग के तहत यह सीट बीजेपी के खाते में चली गई है।
बीजेपी के कोटे में जाने की वजह से सुनील पांडे ने एलजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से इलाके में चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। अब सुनील पांडेय तरारी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव मैदान में लड़ेंगे। ऐसा कर सुनील पांडेय ने बीजेपी की चिंता बढ़ा दी है। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Assembly Election ) में इस सीट से पहली बार बीजेपी ने कौशल विद्यार्थी को चुनावी मैदान में उतारा है।
इस समय भोजपुर की तरारी सीट पर वामपंथी पार्टी का कब्जा है। सीपीआई एमएलए के सुदामा प्रसाद सीट से पार्टी के विधायक हैं। पिछले चुनाव में सुनील पांडेय की पत्नी गीता पांडेय इस सीट से चुनाव हार गई थीं।
अब सुनील पांडे के समर्थकों का कहना है कि बुधवार को सुनील पांडे तरारी सीट से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन करेंगे। बिहार में पहले फेज के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर है। सुनील पांडेय की छवि दबंग और बाहुबली वाली रही है। सुनील पांडेय 4 बार विधायक रह चुके हैं। वो पहले जेडीयू में थे। पिछले चुनाव में तरारी में लड़ाई काफी कम अंतर से हारे थे।
बता दें कि सुनील पांडेय के छोटे भाई हुलास पांडेय भी एलजेपी में हैं। वो पूर्व एमएलसी हैं और बक्सर जिले की ब्रह्मपुर सीट से टिकट के प्रबल दावेदार भी हैं।