बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा है।
नई दिल्ली। देश की बिगड़ी अर्थ व्यवस्था और लगातार गिरती जीडीपी को लेकर एक जहां केन्द्र सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई है, वहीं खुद बीजेपी के लोग भी पार्टी नीतियों की आलोचना करने लगे हैं। बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा है। यशवंत सिन्हा ने सरकार के विमुद्रीकरण के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया है।
प्रधामंत्री पर कसा तंज
एक अंग्रेजी अखबार में अपने लेख के माध्यम से यशवंत सिन्हा ने देश की मौजूदा स्थिति पर सरकार का घेरने का प्रयास किया है। सिन्हा ने कहा कि आज देश में न रोजगार और न ही विकास की तेज गति। उन्होंने कहा इनवेस्टमेंट लगातार घट रहा है, जिसका आर जीडीपी पर साफ देखने को मिल रहा है। जीएसटी को लेकर सरकार की गलत नीति बताते हुए सिन्हा ने कहा कि एकल कर व्यवस्था को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिससे रोजगार और बिजनेस बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। पूर्व मंत्री ने पीएम प्रधानमंत्री पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीक से देखा है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उनके वित्तमंत्री उसी गरीबी का एहसास अब देश की जनता को कराना चाहते हैं।
वित्त मंत्री पर ली चुटकी
यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली का घेराव करते हुए कहा कि इस सरकार में वह अभी तक सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं। कैबिनेट का विस्तार होने से पूर्व ही इस बात का अनुमान लगा दिया गया था कि जेटली ही वित्त मंत्री बनेंगे. अपनी लोकसभा सीट हारने के बाद भी उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक सका। सिन्हा ने कहा कि जीडीपी अभी 5.7 है, सभी को याद रखना चाहिए कि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने के तरीके को बदला था। अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखें तो आज के समय में 3.7 जीडीपी होती।