पीएम नरेंद्र मोदी ने BJP सांसदों को किया हैरान BJP Orientation Programme में पीछे बैठे मोदी बीजेपी सांसदों के लिए चल रही अनुशासन की पाठशाला
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमतौर पर लोकसभा, राज्यसभा और पार्टी की बैठकों में पहली कतार में बैठे देखे जाते हैं, लेकिन बीजेपी सांसदों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम ( BJP orientation programme ) में नजारा इसके उलट था। यहां पीएम मोदी ( Narendra Modi ) सांसदों के बीच में लेकिन पीछे की कुर्सी पर एक आम सांसद की तरह बैठे दिखाई दिए। कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
मोदी को देख चौंक गए सांसद
ओरिएंटेशन में पहुंचे बीजेपी सांसदों के लिए ये बेहद चौंकाने वाला पल था, जब उनके नेता और देश के प्रधानमंत्री एक आम सांसद की तरह उन्हीं के बीच बैठे मिले। प्रधानमंत्री मोदी की पिछली कतार में जहां कुछ महिला सांसद थीं, तो मोदी के ठीक आगे मनोज तिवारी बैठे दिखे।
तिवारी बोले- यूं ही नरेंद्र मोदी नहीं बन जाता
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने लिखा कि कोई यूं ही जन जन का प्यारा नहीं हो जाता, कोई ऐसे ही पूरी दुनिया में नहीं छा जाता, कोई यूं ही नरेंद्र मोदी नहीं बन जाता। आम सांसद की तरह पीछे जाकर बैठने का हृदय होना चाहिए। ऐसा आज हुआ अभ्यास वर्ग में। इशारा सिर्फ इतना कि हमें अहंकार से दूर रहना है..कोटि नमन है मोदी जी को।
अच्छे आचरण के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम
संसदीय प्रक्रियाओं में शामिल होने के दौरान सांसदों में अनुशासन और अच्छे आचरण बनाए रखने के लिए बीजेपी ओरिएंटेशन कार्यक्रम कर रही है। दो दिवसीय इस अनिवार्य कार्यक्रम में सभी बीजेपी सांसदों का शामिल होना जरूरी है। इसे बीजेपी ने 'अभ्यास वर्ग' नाम दिया है।
बंद दरवाजे के पीछे अनुशासन की पाठशाला
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्यशाला (वर्कशॉप) का मुख्य उद्देश्य संसद में सांसदों द्वारा समय की पाबंदी और अनुशासन बनाए रखना है। बीजेपी के कई सांसदों का कथित तौर पर संसद में उपस्थिति रिकॉर्ड खराब है। बंद दरवाज के अंदर हो रहे इस कार्यक्रम की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गृहमंत्री अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा कर रहे हैं।
अक्सर सांसदों को समझाते मोदी
पीएम मोदी ने ओरिएंटेशन ( BJP Orientation Programme ) से पहले सभी मंत्रियों को घर से काम करने से बचने का निर्देश देते हुए रोजाना समय पर कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया था। उन्होंने पहली बार सांसदों को अनुशासन और समय की पाबंदी बनाए रखने पर जोर दिया।