
नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर टीडीपी और केंद्र सरकार के बीच बात नहीं बनी। टीडीपी के दो मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया । गठबंधन बचाने के लिए गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बातचीत की थी। लेकिन यह बातचीत नाकाम रही। पीएम मोदी के साथ टीडीपी के दो मंत्रियों की शाम 6 बजे मुलाकात हुई। लेकिन दोनों मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया । अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी ने अपना इस्तीफा सौंपा है। एनडीए सरकार में टीडीपी के कोटे से बने मंत्री अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी शाम 6 बजे प्रधानमंत्री से मुलाकात करने 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंचे थे। लेकिन मुलाकात के बाद दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि टीडीपी एनडीए के साथ बनी रहेगी।
विधानसभा में नायडू ने किया था ऐलान
आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने खुद विधानसभा में गुरुवार को इस बात का ऐलान किया है। हालांकि चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार देर रात ही इस बात का ऐलान किया था कि केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल उनकी पार्टी के दो मंत्री वाईएस चौधरी तथा अशोक गजपति राजू इस्तीफा दे देंगे। हालांकि पार्टी एनडीए गठबंधन के साथ बने रहने का फैसला किया है।
विशेष राज्य के दर्जा के लिए मांग
बता दें कि नायडू ने आंध्र प्रदेश को 'विशेष दर्जा' देने की अपनी पार्टी की मांग पर केंद्र सरकार के 'उदासीन रवैये' से नाराज होकर यह कदम उठाया। उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार में भागीदार है, पर आंध्र प्रदेश को इसका फायदा नहीं मिला। एनडीए सरकार से हटने के नायडू के ऐलान के बाद बीजेपी के मंत्रियों ने आंध्र प्रदेश कैबिनेट से गुरुवार को इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस ने टीडीपी की तरफ बढ़ाया दोस्ती का हाथ!
एक तरफ तो आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर एनडीएम फूट पड़ती दिख रही है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस फूट का फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। टीडीपी के एनडीए से अलग होने की खबरों के बीच कांग्रेस पार्टी ने टीडीपी की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया है। कांग्रेस पार्टी ने 13 मार्च को होनी वाली विपक्ष की मीटिंग में टीडीपी को न्यौता भेजा है। ये मीटिंग सोनिया गांधी की तरफ से बुलाई गई है।
केंद्र ने आंध्र से वादा नहीं निभाया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के शीर्ष नेता चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके राज्य के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा नहीं निभाया है, जिसके चलते हमने केंद्र सरकार से अलग होने का फैसला किया है। नायूड ने ये भी कहा कि वो सत्ता के भूखे नहीं हैं। मोदी सरकार इस वजह से नहीं मान रही टीडीपी की मांग वहीं केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की टीडीपी की मांग को इसलिए नहीं पूरी कर रही है, क्योंकि किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नियमों में बदलाव करने पड़ेंगे। अगर नियमों में बदलाव करके टीडीपी की मांग को मान लिया तो बिहार, झारखंड जैसे अन्य राज्य भी इस तरह की मांग कर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।