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हरदीप सिंह पुरी पर बीजेपी का भरोसा, पंजाब चुनाव से पहले मध्य प्रदेश से राज्य सभा प्रत्याशी बनाकर क्या दिया सियासी संदेश?

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर बड़ा सियासी दांव चला है। जानिए, पुरी की दोबारा राज्यसभा में एंट्री के क्या मायने हैं और बीजेपी की नजर सिख वोट बैंक पर क्यों है।
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 28 Oct 2026, 3:08 PM IST

Hardeep Singh Puri Rajya Sabha Nomination

हरदीप सिंह पुरी को बीजेपी ने मध्य प्रदेश से बनाया राज्य सभा प्रत्याशी (Photo-IANS)

Hardeep Singh Puri Rajya Sabha Candidate: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी ने एक बड़ा दांव खेला है। हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्य सभा प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले पुरी उत्तर प्रदेश से राज्य सभा सांसद है और उनका कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। हालांकि पार्टी ने एक बार फिर से उन्हें यूपी से राज्य सभा दोबारा नहीं भेजा। तब ऐसी अटकलें लगाई जा रही थी कि पंजाब चुनाव में बीजेपी को झटका लग सकता है।

दरअसल, मोदी कैबिनेट में हरदीप सिंह पुरी एकमात्र सिख नेता है। इससे पहले रवनीत सिंह बिट्टू भी थे। लेकिन उन्हें दोबारा राज्य सभा नहीं भेजा गया। वहीं हरदीप सिंह पुरी पर बीजेपी ने दोबारा राज्य सभा प्रत्याशी बनाकर अनुभवी नेता पर भरोसा नहीं जताया है, बल्कि पंजाब की राजनीति के लिहाज से भी अहम संदेश दिया है।

बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी के सामने चुनौती है कि वह राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करें और सिख मतदाताओं को बीच अपनी पकड़ बनाए रखनी की है। 

बीजेपी ने हरदीप सिंह पुरी को दोबारा राज्य सभा भेजने का क्यों लिया फैसला? 

हरदीप सिंह पुरी का 25 नवंबर को राज्य सभा कार्यकाल समाप्त होने वाला है। बीजेपी ने यूपी से उन्हें दोबारा से राज्य सभा नहीं भेजा था। पार्टी ने यहां पर आठ नए चेहरों को मौका दिया था। दरअसल, यूपी में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए पार्टी ने क्षेत्रीय नेताओं को मौका दिया था। 

यूपी से दोबारा राज्य सभा नहीं भेजे जाने के बाद पुरी के राजनीतिक भविष्य को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाने लगी। वहीं कयास लगाए जाने लगे कि पार्टी के इस फैसले से पंजाब चुनाव में नुकसान हो सकता है। 

सिख मतदाताओं में पकड़ बनाने की चुनौती

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मोदी कैबिनेट में हरदीप सिंह पुरी ही एकमात्र सिख नेता है। यूपी से दोबारा राज्य सभा नहीं भेजने पर उनके मंत्री पद पर भी खतरा मंडरा गया था। हालांकि अब एमपी से राज्य सभा प्रत्याशी बनाया है। दरअसल, पंजाब में सिख आबादी काफी है। इसलिए सिख वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए हरदीप सिंह पुरी को राज्य सभा भेजने का फैसला लिया है। 

क्योंकि हरदीप सिंह पुरी सिख समुदाय से आने वाले वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री हैं। उनका कूटनीतिक अनुभव और केंद्र सरकार में उनकी भूमिका उन्हें पार्टी के प्रमुख सिख चेहरों में शामिल करती है।

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