28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘उम्मीदवारों को हराने की पूरी कोशिश हुई’, पटना शिक्षक MLC चुनाव जीतने के बाद भी तेजस्वी यादव का बड़ा आरोप

Bihar MLC Election: पटना शिक्षक MLC चुनाव में RJD के डॉ. संजीव सिंह की जीत की आधिकारिक घोषणा हुई। तेजस्वी यादव ने भाजपा के 30 साल पुराने किले को तोड़ने का दावा किया और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Updated: 28 Oct 2026, 2:55 PM IST

Tejashwi Yadav News

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (फोटो- IANS)

पटना शिक्षक MLC चुनाव में राजद उम्मीदवार डॉ संजीव कुमार ने प्रचंड जीत दर्ज की है। अब उन्हें आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित कर दिया गया है। कमिश्नर ने उन्हें जीत का प्रमाण पत्र सौंप दिया है। इस जीत को राजद नेता तेजस्वी यादव ने बड़ी राजनीतिक कामयाबी बताया है। उन्होंने दावा किया कि राजद ने भाजपा के 30 साल पुराने किले को तोड़ दिया है।

तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए

जीत के बाद तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएलसी चुनाव की मतगणना में जानबूझकर देरी की गई और उम्मीदवारों को हराने के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग में मौजूद गलत लोगों का विरोध किया जाएगा।

भाजपा का 30 साल पुराना किला टूटने का दावा

तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा का यह किला पिछले 30 साल से कायम था, जिसे राजद ने तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राजद के पास स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले विधान परिषद सदस्यों का प्रतिनिधित्व नहीं था। ऐसे में पटना शिक्षक सीट पर जीत पार्टी के लिए खास मायने रखती है।

मतगणना में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल

तेजस्वी यादव ने एमएलसी चुनाव की मतगणना में हुई देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवारों को हराने के इरादे से जानबूझकर मतगणना में देरी की गई।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सीसीटीवी की व्यवस्था ठीक नहीं थी और उम्मीदवारों को जरूरी सूचनाएं भी समय पर नहीं दी जा रही थीं। तेजस्वी के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम होने चाहिए थे।

'चुनाव आयोग का नहीं, गलत लोगों का विरोध करते हैं'

तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई चुनाव आयोग की संस्था से नहीं, बल्कि आयोग में मौजूद उन लोगों से है, जिनकी भूमिका पर उन्हें आपत्ति है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। तेजस्वी ने चुनाव आयोग को भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।

1 नवंबर की रैली में शामिल होंगे तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने बताया कि वह 1 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त गणेश कुमार के विरोध में होने वाली रैली में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि वोट चोरी को लेकर जो खुलासे हुए हैं, उन पर सत्ता पक्ष की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि वोट चोरी से जुड़े सवाल उठने के बाद भी सत्ताधारी पक्ष चुप है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब मिलना चाहिए।