राजनीति

येदियुरप्पा बोले- कर्नाटक सरकार में कुछ ठीक नहीं, बीजेपी के दरवाजे पर दस्तक दे रहे कांग्रेस विधायक

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता बी एस येदियुरप्पा ने कहा है कि कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता भारतीय जनता पार्टी के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।
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Jun 09, 2018
BS Yeddyurappa
येदियुरप्पा बोले- कर्नाटक सरकार में कुछ ठीक नहीं, बीजेपी के दरवाजे पर दस्तक दे रहे कांग्रेस विधायक

नई दिल्ली। कर्नाटक में बेशक कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर सत्ता हासिल कर ली है लेकिन यहां सरकार पर हर रोज एक नया खतरा देखने को मिल रहा है। कभी पांच साल समर्थन की बात से जेडीएस के नेता इनकार करते हैं, तो कांग्रेस के नेता अंदरखाने सरकार के खिलाफ बयान देते हैं। इसी बीच कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता बी एस येदियुरप्पा ने कहा है कि मंत्रिपद से वंचित और कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता भारतीय जनता पार्टी के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं।

कांग्रेस ने किया सरेंडर: येदियुरप्पा
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 23 मई को जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने के बाद से प्रशासन में ठहराव आ गया है। येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस ने महत्वपूर्ण विभाग देकर जेडीएस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और उसके नेता अपनी ही पार्टी को निपटाने की कोशिश कर रहे हैं।

'कर्नाटक सरकार में कुछ ठीक नहीं'
येदियुरप्पा ने शनिवार को पार्टी युवा मोर्चा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कर्नाटक सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। हालांकि उन्होंने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि बीजेपी ऐसे असंतुष्ट कांग्रेसी नेताओं को पार्टी में शामिल करेगी या नहीं। उन्होंने असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं के नाम बताने से भी इन्कार किया है।

कर्नाटक में पहला मंत्रिमंडल विस्तार
इससे पहले 6 जून को कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार का विस्तार किया गया, जिसमें 25 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया। इनमें दोनों सहयोगी दलों के 23 विधायकों को, बसपा के एक और एक निर्दलीय विधायक को मंत्री बनाया गया है। मंत्री बनने वाले दोनों सहयोगी दलों के 23 विधायकों में कांग्रेस के 14 और जेडीएस के नौ विधायक शामिल हैं। राज्यपाल वजुभाई आर. वाला ने राजभवन में मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

एक रात में बदल गई सत्ता
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा के लिए 12 मई को हुए चुनाव में बीजेपी अकेले सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर आई, लेकिन वह बहुमत के 113 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में असफल रही। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद येदियुरप्पा ने 16 मई को मुख्यमंत्री की शपथ ली थी लेकिन वह कांग्रेस और जेडीएस द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार उसके अगले दिन सदन में बहुमत साबित करने से पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

Published on:
09 Jun 2018 03:01 pm