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सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर राज ठाकरे का फूटा गुस्सा, कहा- सरकार उनकी बलि लेना चाहती है

Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत खराब होती जा रही है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वांगचुक के 19वें दिन के अनशन और बिगड़ती तबीयत पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस आंदोलन का समर्थन किया है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 16, 2026

MNS Raj Thackeray Sonam Wangchuk CJP

सोनम वांगचुक की बिगड़ती हालत पर राज ठाकरे का फूटा गुस्सा (Photo: X/@CJP_for_India/MNS)

Raj Thackeray on Sonam Wangchuk: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के अनशन का आज 19वां दिन है। अब तक उनका 9 किलों से ज्यादा वजन घट चुका है। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत सरकार न केवल सोनम वांगचुक बल्कि देश में लोकतांत्रिक आंदोलनों की भी बलि लेना चाहती है।

राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “सोनम वांगचुक के अनशन का आज 19वां दिन है। उनकी सेहत को लेकर जो खबरें और तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। यह कहना दुखद है कि सरकार ने सोनम वांगचुक की और देश में आंदोलनों की जो गुंजाइश बची है, उसकी भी बलि लेने का फैसला कर लिया है।"

'सरकार आंदोलनों को कुचलना चाहती है'

राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं और आंदोलनों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं को निष्पक्ष होना चाहिए था, वे सरकार के प्रभाव में काम कर रही हैं। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकांश मीडिया सरकार के पक्ष में काम कर रहा है, जबकि सरकार से सवाल पूछने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है।

मनसे प्रमुख ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसी जनहित के आंदोलन को दबाना और आंदोलनकारियों को परेशान करना सरकार के लिए आसान हो गया है।

सोनम वांगचुक की मांगों को बताया जायज

राज ठाकरे ने कहा कि सोनम वांगचुक की मांगें पूरी तरह उचित हैं। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार मंत्री को हटाने जैसी मांगों में कुछ भी गलत नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने व्यापम घोटाले से लेकर नीट और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में सरकार का रवैया गंभीर नहीं रहा।

PM मोदी से की हस्तक्षेप की अपील

राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है। इसलिए इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाती है, तभी लंबे समय तक सत्ता में रहने का वास्तविक महत्व साबित होगा।

'मनसे आंदोलन के साथ खड़ी है'

राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सोनम वांगचुक की मांगों का पूर्ण समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नीट ही नहीं, बल्कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए और यदि किसी मंत्री की जिम्मेदारी बनती है तो उसका इस्तीफा भी होना चाहिए।

उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज उठाएं। राज ठाकरे ने कहा कि यदि समाज चुप रहा तो भविष्य में जनआंदोलनों की आवाज को भी आसानी से दबाया जा सकेगा।

18 जून से अनशन पर है सोनम वांगचुक

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके के समर्थन में वांगचुक दिल्ली में अनशन कर रहे हैं। दिपके जंतर-मंतर पर धरना देकर मई में हुए कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस आंदोलन के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वह अनशन पर बैठेंगे। जब केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू किया।