
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2029 से पहले परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार नई राजनीतिक रणनीति पर काम करती दिख रही है। माना जा रहा है कि मानसून सत्र में सरकार संशोधित परिसीमन विधेयक ला सकती है, जिसमें सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी का प्रावधान स्पष्ट रूप से शामिल होगा। इसका मकसद डीएमके और एनसीपी (शरद पवार गुट) समेत विपक्षी दलों की आशंकाएं दूर कर व्यापक सहमति बनाना और विधेयक के लिए आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाना है। हालांकि, सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दरअसल, केन्द्र सरकार महिला आरक्षण व परिसीमन पर महज कानूनी संशोधन नहीं, बल्कि राजनीतिक सहमति का रास्ता तलाश रही है। परिसीमन जैसा संवेदनशील विषय क्षेत्रीय दलों की सहमति के बिना आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। इसलिए डीएमके, तेलुगू दलों, एनसीपी (एसपी) और अन्य क्षेत्रीय दलों के रुख पर सरकार की खास नजर है। सरकार के पास इस मुद्दे पर राजनीतिक आधार भी है। उसका तर्क है कि यदि सभी राज्यों की सीटों में समान अनुपात में वृद्धि की जाती है और किसी राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं होतीं, तो दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय की आशंका काफी हद तक समाप्त हो सकती है। दूसरी ओर विपक्ष की मांग रही है कि इस गारंटी को केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि विधायी प्रावधान बनाया जाए, ताकि भविष्य में इसकी अलग व्याख्या न हो सके। यदि 50 फीसदी सीट वृद्धि का प्रावधान वास्तव में विधेयक का हिस्सा बनता है, तो यह केवल परिसीमन की तकनीकी प्रक्रिया नहीं रहेगी, बल्कि उत्तर और दक्षिण के बीच राजनीतिक संतुलन साधने की एक बड़ी कोशिश भी होगी। हालांकि अंतिम तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इस आश्वासन को किस कानूनी रूप में पेश करती है और क्या इससे विपक्ष, खासकर दक्षिण भारत के दलों का भरोसा जीत पाती है?
सरकार की ओर से अप्रेल में विशेष सत्र में महिला आरक्षण के साथ परिसीमन विधेयक लाया गया था। इस विधेयक का सबसे बड़ा विवाद लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण को लेकर रहा है। दक्षिणी राज्यों का तर्क है कि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है। यदि केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण हुआ तो उनकी संसद में हिस्सेदारी घट सकती है, जबकि अधिक जनसंख्या वृद्धि वाले राज्यों की सीटें बढ़ जाएंगी। इसी आशंका के चलते तमिलनाडु की डीएमके समेत दक्षिण के कई छोटे दल इस मुद्दे का विरोध करते रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले संसद में आश्वासन दिया था कि किसी भी राज्य की मौजूदा सीटें कम नहीं होंगी और सभी राज्यों की सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। लेकिन विपक्ष का कहना था कि यह आश्वासन राजनीतिक बयान तक सीमित है और इसे विधेयक का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। इस पर शाह ने बहस के दौरान एक घंटे के लिए संसद की कार्यवाही बंद करने का आग्रह करते हुए संशोधित विधेयक लाने का वादा कर दिया था।
परिसीमन विधेयक पर दक्षिण भारत की आशंकाओं को दूर करने में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू की भूमिका अहम मानी जा रही है। चूंकि वे लंबे समय से संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों की पैरवी करते रहे हैं, इसलिए नायडू की बात दक्षिण के राजनीतिक दलों में अपेक्षाकृत अधिक स्वीकार्य मानी जाती है। नायडू ने करीब एक महीने पहले सार्वजनिक रूप से सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में करीब 50 फीसदी वृद्धि का प्रावधान विधेयक में शामिल करने की बात कही थी।
एनसीपी (एसपी) प्रमुख सुप्रिया सुले ने कहा कि परिसीमन पर नया विधेयक के पेश होने के बाद उस पर 24 घंटे में हम फैसला करेंगे। पिछले परिसीमन विधेयक के लाने से पहले किरेन रिजिजू ने बजट सत्र से पहले हमें बुलाकर बताया गया था कि सभी राज्यों में 50 फीसदी सीटें बढ़ाई जाएंगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में हमने सर्वदलीय बैठक के लिए पत्र लिखा था, लेकिन जब बिल पेश किया गया तो उसमें सभी राज्यों में 50 फीसदी बढ़ोतरी का जिक्र नहीं था, इसलिए हमने उसका विरोध किया। सुले ने उन अटकलों को खारिज किया है कि उनकी पार्टी ने परिसीमन विधेयक के समर्थन के बदले कोई राजनीतिक समझौता किया है या एनडीए में शामिल होने पर विचार कर रही है। हम जहां है, वहीं है।
-लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या बढ़ाकर 850
-लोकसभा और राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण
-लोकसभा में मौजूद सांसद: 528
-आवश्यक सांसदों के वोट: 352
-पक्ष में वोट: 298
-विरोध में वोट: 230
-सरकार की हार का अंतर वोट: 54
-कुल सांसद-540
-संविधान संशोधन के लिए आवश्यक संख्या-सदन में उपस्थित सांसदों का दो तिहाई बहुमत, कुल संख्या का 360
-एनडीए-292+20 (टीएमसी)+6 (शिवसेना यूबीटी से अलग)=318
| डीएमके | 22 |
| एनसीपी (एसपी) | 8 |
| वाईएसआरसीपी | 4 |
| जेएमएम | 3 |
| वीसीके | 2 |
| आरएलपी | 1 |
| अकाली दल कुछ निर्दलीय सांसद | 1 |
Updated on:
16 Jul 2026 12:24 pm
Published on:
16 Jul 2026 12:24 pm
