विजय गोयल ने कहा है कि जिस कांग्रेस ने आपातकाल लाकर देश में प्रेस और अदालत की आजादी पर रोक लगा दी वो अब महाभियोग से देश को गुमराह कर रही है।
नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के खारिज हो जाने के बाद से भाजपा लगातार कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो रही है। भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर देशवासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। आपको बता दें कि सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कांग्रेस समेत 7 अन्य विपक्षी दलों के द्वारा लाए गए महाभियोग प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। उपराष्ट्रपति के इस फैसले का भाजपा ने स्वागत किया।
देशवासियों को गुमराह कर रही है कांग्रेस
वहीं कांग्रेस पार्टी पर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये महाभियोग प्रस्ताव राजनीति से प्रेरित होकर लाया गया था। वह संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रच रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में आपातकाल लगाकर प्रेस, अदालत और संसद तक की स्वतंत्रता को छीनने और फिर उसे सही साबित करने वाली कांग्रेस अब संविधान बचाओ मुहिम के नाम पर देशवासियों को गुमराह कर रही है।
महाभियोग लाने वाली कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी
केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि कांग्रेस के मनमुताबिक चीजें न होने पर वह हर काम में बाधा डालती है। संसद न चलने देना, सरकार के बिल पास न होने देना, चुनाव में हारने पर ईवीएम पर सवाल उठाना और जीतने पर ईवीएम के खिलाफ चुप्पी साधना और अब अदालतों पर हमला करना इसका उदाहरण है। विजय गोयल ने कहा कि उपराष्ट्रपति की तरफ से महाभियोग प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस उसी सुप्रीम कोर्ट जाएगी, जिसके जजों पर उन्होंने अविश्वास व्यक्त किया है। ऐसा करके वह संवैधानिक संकट पैदा करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ये गहरी चाल है कि जो देश में अफरातफरी का माहौल पैदा कर ये दिखाने की कोशिश कर रही है जैसे केंद्र सरकार देश में कुछ ठीक नहीं कर रही है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस व आम आदमी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दल हताश हैं, इसलिए वह न्यायिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को लेकर देश में अवसाद का वातावरण पैदा करना चाहती हैं।
आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। उस समय कांग्रेस ने इलाहाबाद हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों एवं निर्णयों पर भी आघात किया था। एक बार फिर से वह न्यायिक व्यवस्था पर आघात करने का प्रयास कर रही है।