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राज्य सभा में NEET मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, खरगे बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक नहीं होने देंगे चर्चा

INDIA Alliance Parliament Protest 2026: मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नीट पर निष्पक्ष चर्चा तभी संभव है, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उनके इस्तीफे तक सदन में कोई बहस नहीं होने देंगे।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 22, 2026

Dharmendra Pradhan resignation demand

मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना (Photo-IANS)

Mallikarjun Kharge NEET Protest in Rajya Sabha: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन राज्य सभा में एक बार फिर से हंगामा देखने को मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है। 

खरगे ने कहा कि NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर तब तक सदन में कोई चर्चा नहीं होने दी जाएगी, जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते।

सदन में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नीट पर निष्पक्ष चर्चा तभी संभव है, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उनके इस्तीफे तक सदन में कोई बहस नहीं होने देंगे।

जेपी नड्डा ने क्या कहा? 

सदन में विपक्ष के आरोपों का केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। सरकार NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक सहित सभी संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस दौरान उन्होंने विपक्ष के रवैये पर भी निशाना साधा। नड्डा ने कहा कि INDIA गठबंधन का आचरण बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। संसद की मर्यादा को लगातार तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार पारदर्शी है और हमेशा जनता के हित में काम करती है। विपक्ष का यह रवैया लोकतंत्र और जनता दोनों के खिलाफ है।

काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

इससे पहले बुधवार सुबह विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज- प्रियंका

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन सरकार अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर रही है। छात्र बार-बार होने वाले पेपर लीक से परेशान हैं और बदलाव चाहते हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन छात्रों और संसद के भीतर जो हो रहा है, वह अलोकतांत्रिक है।

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