31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘देश को आपकी कुर्बानी नहीं, मार्गदर्शन की जरूरत’, मेदांता में सोनम वांगचुक से मिले विपक्षी सांसद, अनशन तोड़ने की अपील

Sonam Wangchuk: टीएमसी सांसद सागरिका घोष, विवेक तन्खा, जॉन ब्रिटास समेत कई विपक्षी सांसदों ने मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। सांसदों ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए शिक्षा सुधार का मुद्दा संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Anand Shekhar

•

Updated: 22 Jul 2026, 4:08 PM IST

Sonam Wangchuk CJP protest

भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक। (फोटो- IANS)

Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वे शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और NEET पेपर लीक मामले के समाधान की मांग कर रहे हैं। बुधवार को विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा। जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने अस्पताल में सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो से मुलाकात की। विपक्षी दलों के सांसदों और फ्लोर लीडर्स के हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपते हुए, प्रतिनिधिमंडल ने वांगचुक से देश के हित में भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की।

सांसदों ने संयुक्त पत्र सौंपा

सोनम वांगचुक से मिलने के बाद, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेताओं ने वांगचुक को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें भारत के युवाओं के प्रति सोनम वांगचुक के निस्वार्थ समर्पण के लिए सांसदों ने सम्मान और आभार व्यक्त किया। पत्र में कहा गया, "पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और शैक्षिक सुधारों की वकालत करने में आपके साहस ने देश भर में लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। आपका संघर्ष किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य की लड़ाई है।"

पत्र में आगे लिखा गया, "इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, हम आपसे विनम्रतापूर्वक अपील करते हैं कि आप अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करें। शिक्षा प्रणाली में सुधार के बारे में आपका संदेश देश के हर कोने तक पहुंच गया है। देश और उसके युवाओं को आपके बलिदान से कहीं अधिक आपके मार्गदर्शन की जरूरत है। सांसदों के रूप में, हम उस राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। जिस तरह लद्दाख को सोनम वांगचुक की जरूरत है, उसी तरह भारत को भी आपकी जरूरत है।"

प्रदर्शनकारियों पर FIR न दर्ज करने की मांग

विपक्षी सांसदों ने पत्र में संसद के अंदर और बाहर यह मांग करने का भी संकल्प लिया कि इस शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेने वाले उम्मीदवारों और छात्रों के खिलाफ कोई पुलिस FIR या कार्रवाई न की जाए। इस अपील पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के हस्ताक्षर हैं, जिनमें शशि थरूर, कपिल सिब्बल, प्रोफेसर रामगोपाल यादव, डॉ. वी. शिवदासन, वरुण चौधरी और सज्जाद अहमद किचलू शामिल हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक को शिफ्ट किया गया मेदांता

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद, उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें विशेषज्ञ निगरानी के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।