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CJP Protest Row: ‘पुलिस को मिलना चाहिए ऐसे लोगों पर गोली चलाने का अधिकार’, दिल्ली प्रदर्शन पर राष्ट्रपति को परमहंस आचार्य का पत्र

CJP Protest Row: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी अधिकार देने की भी वकालत की।
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भारत

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Harshul Mehra

Jul 22, 2026

jagadguru paramhans acharya letter president droupadi murmu over delhi cjp protests

दिल्ली प्रदर्शन पर राष्ट्रपति को परमहंस आचार्य का पत्र। फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब X (@sshaktisinghydv)

CJP Protest Row Delhi: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखने की बात कही है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी भूख हड़ताल, धरना, प्रदर्शन या मार्च के आयोजन से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए। साथ ही हिंसा और अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी वकालत की।

'बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने वालों पर हो कार्रवाई'

प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए परमहंस आचार्य ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि देशभर में होने वाले सभी धरना-प्रदर्शनों और मार्च के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति प्रदर्शन करता है, कानून-व्यवस्था बिगाड़ता है या हिंसा फैलाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

'पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी शक्ति मिले'

परमहंस आचार्य ने कहा कि पुलिस को संविधान के दायरे में रहते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है, प्रशासन पर हमला होता है या हिंसक गतिविधियां होती हैं तो पुलिस को प्रभावी कार्रवाई करने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह छात्रों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश को बांटने के लिए देश-विरोधी तत्वों की साजिश है। जरूरत पड़ने पर पुलिस को ऐसे लोगों पर गोली चलाने का अधिकार दिया जाना चाहिए।

विपक्ष के प्रदर्शन पर लगाए गंभीर आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन पूरी तरह देशहित के खिलाफ था। परमहंस आचार्य ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर भी वाहनों में तोड़फोड़ की, पत्रकारों पर हमला किया और प्रशासन को निशाना बनाया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रदर्शनकारियों के पास आंसू गैस जैसे साधन कैसे पहुंचे।

'देश-विरोधी ताकतों की साजिश' बताया प्रदर्शन

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि यह किसी छात्र आंदोलन का स्वरूप नहीं था, बल्कि देश को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संविधान और कानून का उल्लंघन करता है तथा कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

'देश से बड़ा कुछ नहीं, संविधान का पालन जरूरी'

उन्होंने कहा कि देश सर्वोपरि है और हर नागरिक को संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों का प्रयोग करना चाहिए। परमहंस आचार्य के मुताबिक, यदि संसद का घेराव और हिंसक प्रदर्शन जैसी घटनाएं लगातार होती रहीं तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश की प्रगति दोनों प्रभावित होंगी।

वंदे मातरम बिल को लेकर भी जताई साजिश की आशंका

परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम बिल को रोकने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के नाम पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस संसद भवन का असंवैधानिक तरीके से घेराव करवा रही हैं। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस को कानून के तहत पूरी छूट मिलनी चाहिए।