
भाजपा सांसद कंगना रनौत (फोटो- एएनआई)
Kangana Ranaut: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी उठे। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस ने सांसदों की सुरक्षा के लिए ढाल का काम किया और उन्होंने पुलिस की सराहना की।
BJP सांसद कंगना रनौत ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आप सभी अंदर थे और आपने देखा कि किस तरह हर कोई घबराया हुआ था। संसद के गेट बंद कर दिए गए थे, सांसद अंदर फंस गए थे और सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी हम बाहर नहीं निकल सके। आपने देखा कि किस तरह भीड़ हमला करने की कोशिश कर रही थी। एक समय ऐसा भी आया जब हम सभी को डर लग रहा था कि कहीं वे हम पर हमला न कर दें। मैं दिल्ली पुलिस की सराहना करती हूं। उन्होंने हमारे लिए ढाल बनकर काम किया। वहां पत्थरबाजी हुई और कुछ लोग घायल भी हुए, लेकिन आम जनता को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। इसके लिए मैं दिल्ली पुलिस की बहुत आभारी हूं।
कंगना के साथ-साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की भी इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। चिरान ने कहा कि वह छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर छात्रों में नाराजगी और चिंता रही होगी, तभी उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह छात्रों की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि CJP के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की है और सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार रही है। उनके मुताबिक कई बार लोगों का आक्रोश इतना बढ़ जाता है कि वे सड़क पर उतर आते हैं, लेकिन यदि कानून व्यवस्था प्रभावित होती है और सीमाएं पार होती हैं तो प्रशासन कुछ सख्त कदम उठाता है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह से आवाज दबाने का समर्थन नहीं करते।
पुलिस कार्रवाई के बाद भी CJP के प्रदर्शनकारी पूरी रात जंतर मंतर पर डटे रहे। बारिश, बिजली नहीं होने और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शन जारी रहा। सोमवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन स्थल से मंच के अलावा बाकी अस्थायी ढांचे और टेंट हटा दिए थे। मंगलवार को स्वयंसेवकों को मंच की सफाई करते हुए देखा गया, जबकि पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे।
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। याचिका में पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच और अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई है। अब इस मामले पर अदालत की सुनवाई और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
Updated on:
21 Jul 2026 01:11 pm
Published on:
21 Jul 2026 11:57 am
