
नई दिल्ली। कोलकाता में रविवार की शाम जबरदस्त पॉलिटिकल ड्रामा हुआ। ममता सरकार और बीजेपी की लड़ाई को लेकर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी और राज्य पुलिस आमने सामने आ गए। एक और जहां सीबीआई ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर छापा मारा। तो दूसरी ओर कोलकाता पुलिस ने सीबीआई ऑफिस को अपने कब्जे में ले लिया।
सिलसिलेवार ढ़ंग से पढ़िए इस हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे की बड़ी बातें।
# करोड़ों रुपए के शारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच की आंच कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर तक पहुंच गई। सुप्रीम के आदेश पर मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री राजीव कुमार से पूछताछ के लिए उनके घर पर दस्तक दी।
# सीबीआई के अधिकारी जब पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर जाने की कोशिश कर रहे थे उस वक्त उनकी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई भी हुई। मौके पर कोलकाता पुलिस के दो उपायुक्त मौजूद थे। पुलिस के अधिकारी सीबीआई की टीम से अदालत का वारंट देखने की मांग कर रहे रहे थे।
# पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर पहुंची सीबीआई टीम के पांच अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस इन अधिकारियों को शेक्सपीयर सरनी थाने ले गई गई। इस मामले में सीबीआई पूरी रिपोर्ट केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेज सकती है।
# पुलिस ने कोलकाता के सीजीओ कॉम्पलेक्स में स्थित सीबीआई ऑफिस को अपने कब्जे में ले लिया। इस पूरे परिसर को कोलकाता की बिधाननगर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही राजीव कुमार के घर के चारों ओर कोलकाता पुलिस के जवान तैनात हो गए।
# कुछ ही देर बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता पुलिस आयुक्त के घर पहुंच गईं और राज्य के आला पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करने लगीं। कोलकाता के महापौर फिरहाद हकीम भी इस बैठक में मौजूद थे। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर के घर के बाहर ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
# ममता बनर्जी ने कहा कि देश नरेंद्र मोदी से परेशान हो चुका है। आज इमरजेंसी से भी बुरे हालात हैं। हमारा धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीबीआई पर कार्रवाई का दवाब डाल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा चोर पार्टी है हम नहीं। भाजपा की एक्सपायरी डेट करीब है। कोलकाता में हमारी रैली के बाद से ही मोदी और अमित शाह हमारे पीछे पड़ गए हैं। ममता ने ऐलान किया कि वे बीजेपी सरकार के खिलाफ धरना देंगी।