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विनय कुलकर्णी की पत्नी या बेटी को मिल सकता है टिकट, मुकाबले में महिला प्रत्याशी उतार सकती है भाजपा

कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की हत्या के एक मामले में दोषसिद्धि के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द होने से धारवाड़ में संभावित उपचुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। यदि अदालत से राहत नहीं मिलती है तो आने वाले महीनों में उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संभावित उपचुनाव दो प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम सकता है। पहला, विनय कुलकर्णी के प्रति सहानुभूति और दूसरा, उनकी दोषसिद्धि के बाद जवाबदेही का सवाल।
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धारवाड़ उपचुनाव में सहानुभूति कार्ड खेल सकती है कांग्रेस

धारवाड़ उपचुनाव में सहानुभूति कार्ड खेल सकती है कांग्रेस

परिवार के सदस्य को टिकट देने पर विचार
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व विनय कुलकर्णी के परिवार के किसी सदस्य को उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रहा है। पार्टी नेता और कुलकर्णी के एक करीबी ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस कुलकर्णी परिवार से ही किसी को मैदान में उतार सकती है। संभावित उम्मीदवारों में उनकी पत्नी शिवलीला कुलकर्णी और बेटी वैशाली कुलकर्णी के नाम चर्चा में हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान अदालत के आदेश के कारण विनय कुलकर्णी के धारवाड़ जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध था। उस समय शिवलीला कुलकर्णी ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी और बाद में भी क्षेत्र में सक्रिय बनी रहीं। वहीं बेटी वैशाली कुलकर्णी भी धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से सक्रिय हुई हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की सदस्य वैशाली ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। पार्टी के भीतर उन्हें नई पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में भी देखा जा रहा है।

परिवार ने जताया भरोसा
वैशाली कुलकर्णी ने विश्वास जताया कि उनके पिता को न्याय मिलेगा और उच्च न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि उपचुनाव होता है तो परिवार चुनाव लडऩे के लिए तैयार है। उनके अनुसार पार्टी चाहे उनकी मां को टिकट दे या उन्हें, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता का समर्थन मिलेगा।

भाजपा भी महिला उम्मीदवार पर कर सकती है दांव
उधर भाजपा ने भी संभावित उपचुनाव को लेकर आंतरिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी नेता सविता अमरशेट्टी का नाम मजबूत दावेदारों में माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि कांग्रेस कुलकर्णी परिवार की किसी महिला सदस्य को उम्मीदवार बनाती है तो भाजपा भी महिला प्रत्याशी उतारकर सहानुभूति की लहर को संतुलित करने की कोशिश कर सकती है।

दोनों दलों के लिए अहम होगा चुनाव
धारवाड़ सीट का उपचुनाव दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन सकता है। कांग्रेस के लिए यह अपनी पकड़ बनाए रखने और नेतृत्व की स्वीकार्यता साबित करने का अवसर होगा, जबकि भाजपा इसे उत्तर कर्नाटक की महत्वपूर्ण सीट वापस जीतने के रूप में देख रही है। ऐसे में संभावित उपचुनाव प्रदेश की राजनीति का केंद्र बिंदु बन सकता है।