CG Politics : कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा के आदेश के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने शुक्रवार की सुबह कहा है कि वे फिलहाल अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं करेंगे।
रायपुर. CG Politicsकांग्रेस में महामंत्रियों के प्रभार में हुए बदलाव के बाद पार्टी में मचा घमासान शांत होता नजर नहीं आ रहा है। (CG congress ) कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा के आदेश के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने शुक्रवार की सुबह कहा है कि वे फिलहाल अपने आदेश में कोई बदलाव नहीं करेंगे। इसकी समीक्षा होगी। जब तक नया आदेश जारी नहीं होता है, तब तक उनके आदेश के मुताबिक ही महामंत्री अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं शाम को उन्होंने कहा, प्रभारी का निर्देश मिला है। इसके मुताबिक काम किया जाएगा। मरकाम की ओर से सुबह दिए गए बयान के बाद दिनभर सियासी चर्चाओं का दौर चलता रहा। वहीं इस बयान के बाद सैलजा मीडिया के सवाल का जवाब दिए बिना दोपहर को दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
यह है पूरा मामला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने दो दिन पहले महामंत्रियों के प्रभार में बदलाव किया था। उन्होंने प्रभारी महामंत्री प्रशासन और संगठन की जिम्मेदारी अरुण सिसोदिया को दी थी। इसके अलावा महामंत्री रवि घोष, अमरजीत चावला, चंद्रशेखर शुक्ला और यशर्वधन राव का प्रभार बदला था। इसके बाद कांग्रेस प्रभारी सैलजा 22 जून को रायपुर पहुंचीं। सीएम हाउस में मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक हुई। इसी बीच सैलजा ने एक लेटर जारी कर प्रदेश अध्यक्ष मरकाम की नियुक्ति निरस्त करने के साथ रवि घोष को संगठन और प्रशासन की जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद माना जा रहा था कि आदेश निरस्त हो जाएंगे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने चौंकाने वाला बयान दे दिया।
हाईकमान तक जाएगा मामला
चुनाव से पहले उठा यह विवाद पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। अब इस मामले की शिकायत हाईकमान तक करने की तैयारी है। जानकारों का कहना है कि अब इस मामले का पटाक्षेप हाईकमान से ही होगा। इसमें एक धड़े का नुकसान होना तय है।
विवाद के बाद यह कहा मरकाम ने
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम ने कहा, समय-समय पर प्रदेश पदाधिकारियों के कार्य में विभाजन होते रहता है। उनके काम के अनुसार ही हम लोग कार्य विभाजन करते हैं। चुनाव को ध्यान में रखकर पीसीसी ने लिस्ट जारी की है। इसकी हम लोग समीक्षा करते हैं। ये नियुक्तियां आगामी आदेश तक के लिए होती है। हालांकि उन्होंने देर शाम कहा, सैलजा हमारी अभिभावक हैं। उनका जो भी आदेश और निर्देश होता है, उसका पीसीसी पालन करती है। नियुक्ति को लेकर उनका निर्देश मिला है, उसका पालन करेंगे। मैंने कल ही कहा था कि हम समीक्षा करेंगे।
कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। कांग्रेस अंतर्कलह से जूझती हुई पार्टी है। कांग्रेस की अस्थिरता और अनिश्चितता उजागर हुई है। आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तार पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस खुद का घर नहीं संभाल पा रही है।
मीडिया से चर्चा किए बिना दिल्ली लौटीं सैलजा
इन सब घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को सीएम हाउस में एक और अहम बैठक हुई। इसमें चुनावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के बाद दोपहर सैलजा एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गई। यहां मीडिया इस मुद्दे पर सैलजा से चर्चा करना चाहती है, लेकिन मीडिया के सवालों को अनसुना करके वापस दिल्ली लौट गईं। चर्चा इस बात की भी है कि सैलजा का आदेश सोशल मीडिया में वायरल होने से मनमुटाव ज्यादा बढ़ गया है।
हरदीप मुंडिया, पंजाब के विधायक व आप के प्रदेश सहप्रभारी
जिस पार्टी में अनुशासन नहीं होता वहां झगड़े होते हैं। कोई बड़ा कार्यक्रम होता है, तो मारपीट की स्थिति आ जाती है। 5 साल के लिए प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को एक बड़ा मौका दिया था, लेकिन कांग्रेस अपने घोषणा पर अमल तक नहीं कर पाई।
रेणुका सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री