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CG Politics: नहीं रहे बीजेपी विधायक, पूर्व केबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारा 43 वर्षों का साथ अचानक छूट गया

CG Politics: प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय वैशालीनगर विधायक विद्यारतन भसीन को याद करते भावुक हो गए।
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भिलाई

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 24 Jun 2023, 12:19 PM IST

CG Politics: नहीं रहे बीजेपी विधायक , पूर्व केबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारा 43 वर्षों का साथ  अचानक छूट गया

CG Politics: नहीं रहे बीजेपी विधायक , पूर्व केबिनेट मंत्री ने कहा कि हमारा 43 वर्षों का साथ अचानक छूट गया

CG Politics: भिलाई.प्रदेश के पूर्व केबिनेट मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय वैशालीनगर विधायक विद्यारतन भसीन को याद करते भावुक हो गए। उनकी कलम से स्मृतिशेष...युवावस्था से लेकर अब तक लगभग 43 वर्षों तक साथ में काम करने के बाद आज अचानक उनका साथ छूट गया। भसीन मुझे नेताजी बोलकर संबोधित करते थे, और मैं उन्हें भइया कहता था। हमारे बीच हमेशा पारिवारिक रिश्ते रहे हैं। मेरे जीवन में उनकी भूमिका एक बड़े भाई के रूप में रही है।

CG Politics: विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने हमेशा किसी भी समस्या का हल निकालने का पूरा प्रयास किया है। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है, मैंने अपने परिवार के अहम सदस्य को खोया है। वे ऐसे राजनैतिक कार्यकर्ता थे, जिनमें संगठन की क्षमता, चुनाव प्रबंधन, विश्लेषण, व्यवस्थाएं बनाना वो सब जानते थे। 1990 के हमारे पहले विधानसभा चुनाव में उन्होंने साथ काम किया। हम विधायक बने तो वो हमारे प्रतिनिधि बने। हमारे विधानसभा से संबंधित कार्य, जिला प्रशासन, साडा, बीएसपी से संबंधित सारे काम वो प्रतिनिधि के रूप में करते थे। मैं मंत्री बना तो भी वो मेरे साथ रहे।

CG Politics: 1984 की एक घटना का जिक्र जरूर करूंगा। तब चुनाव हुआ था, जिसमें दुर्ग लोकसभा से धर्मपाल गुप्ता कांग्रेस के खिलाफ हमारी पार्टी के प्रत्याशी थे। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद का चुनाव था। हम लोगों ने जिस प्रकार से प्रचार किया था उससे लगता था हम ये चुनाव जरूर जीतेंगे। जब परिणाम के दिन काउंटिंग शुरू हुई तो हम सभी वहां मौजूद रहे और कांग्रेस से वहां कोई भी मौजूद नहीं था। स्वयं कांग्रेसी मानते थे कि वो लोग कहीं भी जीत सकते हैं लेकिन दुर्ग जीतना मुश्किल है।

CG Politics: हम लोग उत्साहित होकर काउंटिंग में उपस्थित थे लेकिन पहले राउंड से हम लोग पिछड़ते चले गए। दूसरे राउंड में हमारे कार्यकर्ता वहां से बाहर जाने लगे और तीसरे राउंड तक सब निकल चुके थे, लेकिन भसीन वहां अकेले बैठे रहे। तब वहां कांग्रेस के नेता लगातार आने लगे, देश में कांग्रेस की जीत का माहौल बन चुका था। सरकार बन चुकी थी लेकिन भसीन जी आखिरी राउंड की गिनती तक वहां बैठे रहे और अंत में पूरा हिसाब किताब लेकर वहां से निकले। उनके अंदर असीम धैर्य था।

कॉलेज चुनाव से साथ

CG Politics: उनसे मेरा संबंध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में कार्य करने के दौरान वर्ष 1977 से था। उनके पिता चुन्नीलाल भसीन जनता पार्टी के नेता थे। कॉलेज चुनाव के समय से ही हमारे रिश्ते रहे हैं। जब भाजपा संगठन में भिलाई पहली बार जिला बना तब नर्मदा प्रसाद शुक्ला अध्यक्ष बने, मैं उपाध्यक्ष बना और भसीनजी मंत्री बने। हमारे साथ कार्य करने का दौर तब से था।







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