
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ( NRC ) के अंतिम मसौदा को भारतीय नागरिकों के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने एनआरसी मसौदे से बाहर रह गए लोगों के लिए केंद्र से न्याय की मांग की है।
सीएम ममता बनर्जी ने एनआरीस की फाइनल लिस्ट को पूरी तरह से विफल करर दिया है। उन्होंने कहा कि इस लिस्ट ने उन सभी लोगों का चेहरा उजागर कर दिया है जो एनआरसी को लेकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।
टीएमसी के निशाने पर बीजेपी
इसके लिए उन्होंने खासतौर से बीजेपी को निशाने पर लिया है। सीएम ममता ने बड़ी संख्या में बंगालियों को एनआरसी की अंतिम सूची से बाहर रखे जाने पर भी चिंता जताई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि ऐसा तब होता है जब कोई काम समाज की भलाई और देश के व्यापक हित के बजाय गलत उद्देश्य के लिए किया जाए।
उन्होंने एनआरसी सूची से बाहर रह गए लोगों से हमदर्दी जताई है। खासकर असम में रहने वाले बांग्ला भाषी भाइयों और बहनों से।
नागरिकता साबित करने के लिए 120 दिन का समय
बता दें कि शनिवार को असम में गृह मंत्रालय ने एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इसमें 19 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं हैं। जिन लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को 120 दिन का समय दिया जाएगा और इस दौरान वह फॉरेन ट्राईब्यूनल में अपनी नागरिकता साबित कर सकते हैं।