राजनीति

कांग्रेस ने EC से पूछा क्यों बदला विधानसभा चुनाव की घोषणा का समय, आयोग ने ये दिया जवाब

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, मोदी की रैली के चलते बदल दी चुनाव की घोषणा। निर्वाचन आयोग ने दिया ऐसा तर्क। अब हो रही हर तरफ आलोचना।
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randeep
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, मोदी की रैली के चलते बदल दी चुनाव की घोषणा

नई दिल्ली। कांग्रेस के चुनाव घोषणा के समय बदलने वाले सवाल पर निर्वाचन आयोग का जवाब आया है। हालांकि ये जवाब सुनकर आपको भी हैरत होगी...दरअसल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाते हुए सवाल उठाया किसके इशारे पर निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों का समय बदला। चुनाव आयोग की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों को लेकर दोपहर 12.30 बजे प्रेसवार्ता का समय दिया था। लेकिन आधे घंटे बाद ही इस समय में बदलाव कर दिया गया और प्रेसवार्ता को दोपहर 3 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर में होने वाली रैली के चलते निर्वाचन आयोग ये कदम उठाया।

आयोग ने दिया ये जवाब

चुनाव आयोग ने प्रेसवार्ता के समय बदलने का कारण मीडिया को ही बता डाला। आयोग ने कहा है कि 12.30 बजे का जो समय दिया था वो बहुत कम समय पर दिया गया था, ऐसे में समय बढ़ाकर 3 बजे कर दिया गया ताकि सभी मीडिया पर्सन आसानी से पीसी के वक्त पहुंच सकें। यानी EC को मीडियाकर्मियों के समय पर न पहुंचने चिंता इस कदर सताने लगी कि उन्होंने अपने वक्त की परवाह न करते हुए महत्वपूर्ण घोषणा के समय में ही बदलाव कर दिया।

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि जब चुनाव आयोग 12.30 बजे का समय दे चुका था तो फिर अचानक समय में बदलाव क्यों किया गया। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र 1 बजे अजमेर में रैली के दौरान भाजपा की ओर से कई घोषणाएं कर सकते हैं, ऐसे में निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रेसवार्ता के समय में बड़ा बदलाव किया है।

पहले भी कांग्रेस उठा चुकी है सवाल
इससे पहले भी चुनाव के एलान को लेकर निर्वाचन आयोग विवादों में रहा है। पिछली बार संभावना थी कि चुनाव आयोग गुजरात और हिमाचल के चुनाव का ऐलान एकसाथ करना लेकिन उस वक्त सिर्फ हिमाचल की तारीखों का ही ऐलान किया गया था। इसके बाद चुनावी रैलियों में पीएम मोदी ने कई घोषणाएं की थीं। इनमें सी प्लेन जैसी लॉन्चिंग समेत कई कार्यक्रमों शामिल थे। तब भी आयोग पर आरोप लगे थे कि उसने पीएम को चुनावी घोषणाओं के चलते ऐसा किया है।

आयोग ने ये दिया था तर्क
हालांकि चुनाव आयोग ने इसके पीछे तर्क दिया था कि ऐसा जरूरी नहीं है कि आयोग एक साथ दोनों राज्यों की तारीखों का ऐलान करे। एक राज्य में पहले और दूसरे का बाद में ऐलान किया जा सकता है।

Updated on:
06 Oct 2018 02:31 pm
Published on:
06 Oct 2018 11:27 am