राजनीति

भाजपा बोली-कांग्रेस का प्रचार करने कर्मचारियों पर दबाव बना रहे कलेक्टर, हटाने की मांग

मुख्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत

2 min read
Apr 22, 2019
collector who is pressurizing the workers to propagate the Congress

सीधी. भाजपा प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता विश्ववंधुधर द्विवेदी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर कलेक्टर अभिषेक सिंह को निर्वाचन कार्य से हटाने की मांग की है। शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि नामांकन के पहले ही कलेक्टर ने भाजपा के दो वाहनों के नियम विरुद्ध तरीके से कार्रवाई की थी। अब उचित मूल्य के दुकानों के विक्रेताओं को कांग्रेस प्रत्याशी की झूठी शिकायत पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई भी इसी मंतब्य से की गई है। उनका आरोप है कि भाजपा की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी की झूठी शिकायत पर भी नियम दरकिनार रख कार्रवाई की जाती है। सहकारिता विभाग व आजीविका मिशन के कर्मचारियों को कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार में लगा दिया गया है। वहीं कुछ कर्मचारियों को कलेक्टर ने धमकी दी है कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने व दिलाने का कार्य नहीं किया तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इन सबके अलावा उन्होंने 10 बिंंदुओं पर आधारित शिकायत की है।

इधर, ऐसे काम करता है एप
सी-विजिल एप स्मार्ट फोन पर चलता है। इसे गूगल के प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से आम नागरिक भी चुनाव आयोग के पास आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने के लिए सबसे पहले एप पर रजिस्टर करना होगा। यूजर मोबाइल नंबर, राज्य, जिला, विधानसभा और निवास का पता दर्ज करके अकाउंट बना सकता है। शिकायत करने के लिए यूजर को एप का इस्तेमाल करते हुए फोटो या वीडियो लेना होगा और उसे ५ मिनट के अंदर अपनी शिकायत सबमिट करनी होगी। सी-विजिल एप के माध्यम से दर्ज शिकायत का निराकरण १०० मिनट में किया जाएगा।

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ये शिकायतें होंगी मान्य
इस एप पर आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत ही मान्य होती है। एप चुनाव के दौरान ही एक्टिव रहता है। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली गतिविधियों, आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना फोटो व वीडियो दे सकता है। उसकी पहचान गुप्त रखी जाती है। रिपोर्ट पंजीकृत होने पर शिकायतकर्ता को कंप्लेन नंबर मिलता है। जिससे वह शिकायत की स्थिति देख सकता है। सी-विजिल ऐप पर शिकायत स्वीकृत होने के बाद सिस्टम जिला नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना देगा। सूचना मिलने पर नियंत्रण कक्ष संबंधित को कार्रवाई करने का निर्देश देगा। कार्रवाई के बाद शिकायत का स्टेटस अपडेट किया जाएगा। शिकायतकर्ता एप से भी उसका स्टेटस चेक कर सकेगा।

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Published on:
22 Apr 2019 06:00 pm
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