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किशाऊ बांध परियोजना पर राज्यों में बनी सहमति

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर एमओयू के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में सहमति बन गई है
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नई दिल्ली

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Abhishek Singhal

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Updated: 17 Jun 2026, 4:50 PM IST

Kishau Dam

नई दिल्ली। यमुना नदी के ऊपरी बेसिन के पानी के राजस्थान पहुंचने की राह में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर एमओयू के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में सहमति बन गई है। एमओयू होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

हिमाचल के हिस्से की राशि देंगे दिल्ली- राजस्थान

किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90% केन्द्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार द्वारा और शेष 10% राशि का वित्तीय भार 06 राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा । गौरतलब है कि हिमाचल अपने हिस्से के दस फीसदी अंशदान नहीं देने पर अड़ा था। उसका कहना था कि पानी से निचले राज्यों को फायदा होगा तो वही इसका खर्च उठाएं। अब हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बन गई है। गौरतलब है कि राजस्थान ने पिछले साल दिसम्बर में ही यह अतिरिक्त अंशदान की राशि देने पर सहमति जता दी थी।

बैठक में केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल एवं उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव, एवं गृह मंत्रालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

राजस्थान को मिलेगा दस फीसदी पानी

ऊपरी यमुना बेसिन में यमुना और उसकी सहायक नदियों गिरी पर रेणुकाजी, यमुना पर लखवार और टोंस पर किशाऊ बांध बनने से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली को पानी और बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। राजस्थान को इन परियोजनाओं से करीब दस फीसदी पानी मिलेगा।

टोंस नदी पर बनेगा बांध

एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध प्रोजेक्ट किशाऊ बांध प्रोजेक्ट उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में यमुना की सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। इसकी ऊंचाई 236 मीटर और लंबाई 680 मीटर होगी। इससे 97,076 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई करेगा और उत्तर प्रदेश, हरियाणा,दिल्ली और राजस्थान में सिंचाई व पेयजल के लिए पानी भी देगा। इससे कुल 660MW हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी पैदा होगी, जिससे 1,379 एमयू ग्रीन इलेक्ट्रिक एनर्जी मिलेगी, जो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को बराबर मिलेगी।

यमुना से किसको कितना पानी

हरियाणा 6417 क्यूसेक
उत्तर प्रदेश 4515 क्यूसेक
राजस्थान1917 क्यूसेक
हिमाचल प्रदेश423 क्यूसेक
दिल्ली811 क्यूसेक

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