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सीधी। जिला मुख्यालय से महज नौ किमी दूर नेबूहा पश्चिम गांव की आदिवासी बस्ती आजादी के सात दशक बाद भी विद्युत विहीन है। यहां के रहवासी आज भी चिमनी की रोषनी में रहते हैं। करीब छ: माह पूर्व गांव में विद्युत पोल गाड़े गए तो ग्रामीणों को आस जगी की अब हमारे घरों में विद्युत के कनेक्शन हो जाएंगे। लेकिन छ: माह बाद भी विद्युत के पोल मेें केविल नहीं लग पाई, कुछ विद्युत पोल में केविल लगी तो विद्युत का करेंट नहीं दौड़ाया गया, लिहाजा लोगों के घरों मेंं विद्युत कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। बिजली की समस्या से जूझ रहे कुछ ग्रामीणों ने मोबाइल चार्ज करने व एकाध बल्ब जलाने के लिए पांच हजार रूपए खर्च कर सोलर पैनल लगवाया है, जबकि ज्यादातर ग्रामीण चिमनी के रोषनी में ही काम चला रहे हैं।
कनेक्शन नहीं पहुंच गए विद्युत बिल-
विद्युत विहीन ग्राम पंचायत नेबूहा पश्चिम की आदिवासी बस्ती में दो दर्जन से अधिक परिवार निवासरत हैं, इसके साथ ही गांव के करीब एक दर्जन अन्य परिवारों के घर तक अभी बिजली नहीं पहुंच पाई है, हलांकि पिछले छ: माह से यहां विद्युतीकरण का कार्य कंपनी द्वारा शुरू किया जा चुका है, जिसके तहत विद्युत पोल लगाए जा चुके हैं, कुछ पोल में केविल भी लगा दी गई है, लेकिन अभी तक न तो इसमे विद्युत प्रवाह चालू किया गया है, और न ही ग्रामीणों के घरों में विद्युत कनेक्शन ही दिए गए हैं। जबकि एक दर्जन से अधिक परिवारों के यहां लंबे चौड़े बिजली के बिल भेज दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि किसी के यहां दो हजार रूपए तो किसी के यहां दो सौ रूपए के बिजली विल भेजे गए थे, लेकिन ग्रामीणों द्वारा विल जमा नहीं किए गए है।
बारिश के मौषम में काफी परेशानी-
नेबूहा पश्चिम गांव चारो ओर से पहाड़ी से घिरा हुआ गांव है, बस्ती के लोग पहाड़ी के किनारे घर बनाकर रह रहे हैं। बारिश के मौषम में यहां जहरीले कीड़े मकोड़े निकलते रहते हैं, जिनके काटने का डर बना रहता है। इसके साथ ही जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। बिजली न होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। बारिश के मौषम में तो लोग काफी परेशान रहते हैं।
ग्रामीणों ने सुनाया दर्द-
..........गांव में बिजली के इंतजार में बूढ़ा हो गया, लेकिन अभी तक मेरे घर मेें बिजली नहीं लग पाई। बीते कुछ माह पूर्व पोल तो गाड़े गए लेकिन अभी तक न तो घर मेें कनेक्शन दिया गया और न ही विद्युत प्रवाह चालू किया गया।
मोहन कोल, नेबूहा पश्चिम
.........करीब छ: माह पूर्व मेरे घर के पास विद्युत पोल लगा दिया गया है, लेकिन अभी तक केविल नहीं लगाई गई, जबकि गांव में कुछ पोल में केविल लगा दी गई है। हम विद्युत कनेक्शन का इं्रतजार कर रहे हैं, पता नहीं कब तक में विद्युत कनेक्शन हो पाएगा।
रवी सेन, नेबूहा पश्चिम
..........हमारे गांव में बिजली आई नहीं, विद्युत पोल गाड़े गए लेकिन तार नहीं दौड़ाया गया, घरों में कनेक्शन नहीं दिया गया। लेकिन बिजली का विल भेज दिया गया है, जो हम लोगों द्वारा जमा नहीं किया गया है।
उमा कोल, नेबूहा पश्चिम
.........जिला मुख्यालय के इतने नजदीक होने के बाद भी अभी तक हमारे गांव की इस बस्ती में बिजली कनेक्शन नहीं है। कई मांगे, कई शिकायते की गई, लेकिन नतीजा आपके सामने है। किसी तरह विद्युत पोल गाड़े गए तो आधी अधूरी केविल दौड़ाई गई, कनेक्शन भी नहीं किया गया।
तेजबली रावत, नेबूहा पश्चिम
.........मैं कक्षा १०वीं की छात्रा थी गांव व घर में बिजली न होने के कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। रात के समय में चिमनी के प्रकाश में पढ़ाई करनी पड़ती थी। चार पांच माह पूर्व विद्युत पोल तो लगा दिया गया, लेकिन अभी तक केविल नहीं लगाई गई। अंधेरे में गुजर बसर करना पड़ रहा है।
प्रीति सेन, नेबूहा पश्चिम
.........गांव को विद्युतीकृत करने में विद्युत कंपनी द्वारा तत्परता नहीं दिखाई गई। आजादी के सात दशक बाद गांव में विद्युत पोल लगाए गए, लाइन चालू नहीं की गई, हमारे घरों में कनेक्शन नहीं दिए गए, लेकिन विद्युत विल भेज दिया गया।
प्रभा भूर्तिया, नेबूहा पश्चिम
..........जिला मुख्यालय से नौ किमी दूरी पर होने बाद भी यह गांव विकास को लेकर अछूता है, न तो बिजली की व्यवस्था है, और न ही पेयजल की। पानी के लिए लोगों को कई किमी दूर जाना पड़ता है। नेता केवल वोट मांगने आते हैं। अधिकारी सुनते ही नहीं।
बांकेलाल बंशल, नेबूहा पश्चिम
Published on:
21 Apr 2019 09:49 pm
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