
नई दिल्ली। मोदी सरकार शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास मत का सामना करेगी। हालांकि, सरकार के पास पूर्ण बहुमत है लेकिन दोनों ही पक्षों के बीच सांसदों को अपने पाले में बटोरने की कोशिशें लगातार जारी है।
भाजपा सांसद के संपर्क में विपक्ष
इसी क्रम में विपक्षी खेमा भाजपा के उन सांसदों पर डोरे डाल रही है, जो पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं। हालांकि, पार्टी के खिलाफ अक्सर बयान देने वाले सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ कह दिया कि वे भाजपा के साथ हैं और भाजपा को ही वोट करेंगे। वहीं, बिहार से ही भाजपा के दूसरे सांसद कीर्ति झा आजाद ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा है कि ये दोनों सांसद किस तरफ वोट करते हैं यह बेहद ही दिलचस्प होगा।
जारी है सियासी घमासान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विपक्ष ने ऐसे भाजपा सांसदों की एक लिस्ट बनाई है, जो विभिन्न मौकों पर पार्टी नेतृत्व का विरोध कर चुके हैं। इनमें उत्तर प्रदेश से आने वाले चार दलित सांसद शामिल हैं। इन सांसदों में बहराईच से सांसद साबित्री बाई फूले, रॉबर्ट्सगंज से छोटेलाल खरवार, इटावा सांसद अशोक दोहरे, नगीना से सांसद यशवंत सिंह शामिल हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी पर भी विपक्षी खेमा नजरें गड़ाए हुए है। हालांकि, भाजपा का मानना है कि साबित्री बाई फूले को छोड़कर सभी चार सांसद पार्टी के पक्ष में वोट करेंगे। इनके अलावा भाजपा के दो सांसद फिलहाल बीमार चल रहे हैं, जबकि एक विदेश में हैं। बावजूद इसके पार्टी अविश्वास प्रस्ताव को लेकर निश्चिंत है। दरअसल, पार्टी सरकार के पक्ष में अधिक से अधिक सांसदों को खड़ा करना चाहती है ताकि सियासी मोर्चे पर विपक्ष को जवाब दिया जा सके। उधर विपक्ष भी जानता है कि सदन में उसकी हार तय है, बावजूद इसके वो नंबर गेम में बिजी है।