
विहिप के गरबा-दांडिया नियमों पर भड़के संजय राउत (Photo: IANS)
VHP on Garba Dandiya Guidelines: महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि त्योहार के दौरान गरबा और दांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के रुख पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विहिप ने राज्य में होने वाले गरबा-दांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के शामिल नहीं होने देने की बात कही है। संगठन ने आयोजकों के लिए पहचान जांच समेत कुछ दिशा-निर्देश भी सुझाए हैं। अब इस मुद्दे को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से बयान जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विहिप के लोग हिंदुओं के नए-नए 'मौलवी' बने है। वहीं, बीजेपी विधायक राम कदम ने संजय राउत के बयान पर पलटवार करते हुए शिवसेना (UBT) पर 'दोहरा मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया है।
विहिप (VHP) के दिशा-निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सभा सांसद संजय राउत ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और सांस्कृतिक संघर्ष में मुस्लिम समुदाय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राउत ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भागवत विदेश जाकर भाषण देते हैं और कहते हैं कि देश में हिंदू और मुस्लिमों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। जबकि यहां उनके संगठन से जुड़े लोग इस तरह की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा है कि संगठन ने नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और दांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के शामिल होने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। नायर का कहना है कि नवरात्रि सिर्फ गीत-संगीत और नृत्य का पर्व नहीं है, बल्कि देवी की आराधना से जुड़ा धार्मिक उत्सव है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, वे ऐसे धार्मिक आयोजनों में क्यों शामिल हों। विहिप ने यह भी कहा है कि उसके दिशा-निर्देश किसी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं।
विहिप की ओर से गरबा-दांडिया आयोजकों के लिए कुछ सख्त नियमों का सुझाव दिया गया है। इनमें कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की आधार कार्ड के जरिए पहचान जांच और माथे पर तिलक लगाने जैसे उपाय शामिल हैं। नायर ने कहा कि नवरात्रि हिंदू समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है और संगठन इसके स्वरूप में किसी तरह का बदलाव नहीं चाहता।
उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिम समुदाय के लोग त्योहार मनाना चाहते हैं, तो वे अपने परिवारों के साथ अपने आवास या निजी स्थानों पर ऐसे आयोजन कर सकते हैं।
संजय राउत ने करीब एक सप्ताह पहले न्यूयॉर्क में मोहन भागवत द्वारा दिए गए बयान का भी उल्लेख किया। भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा था कि अगर कोई खुद को हिंदू कहलाना चाहते हैं, तो यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही मंजिल तक ले जाते हैं। हर इंसान की अपनी गरिमा होती है। इंसानों के बीच कोई फर्क नहीं होता।
संजय राउत के बयान पर भाजपा (BJP) नेता राम कदम ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दोहरा मापदंड संघ परिवार का नहीं, बल्कि शिवसेना (UBT) का परिचय है। राम कदम ने आरोप लगाया कि संजय राउत हर सुबह नया झूठ बोलते हैं और झूठ पर झूठ बोलने का सिलसिला जारी रखते हैं। उन्होंने राउत को ऐसी राजनीति बंद करने की नसीहत दी।
भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि इसी तरह की राजनीति के कारण लोग शिवसेना (UBT) से दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा, "संजय राउत को हर सुबह उठकर नए-नए झूठ बोलने और झूठ का पुलिंदा बांधने का काम बंद करना चाहिए। अगर वे इसी तरह काम करते रहे, तो अंत में केवल संजय राउत, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ही साथ बचेंगे।"
महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान मुंबई, ठाणे, पुणे और अन्य शहरों में बड़े स्तर पर गरबा और दांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में विश्व हिंदू परिषद के दिशा-निर्देशों के बाद यह मुद्दा अब धार्मिक के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। आने वाले दिनों में नवरात्रि आयोजनों को लेकर यह विवाद और गरमाने के आसार हैं।
Updated on:
06 Sept 2026 04:14 pm
Published on:
06 Sept 2026 03:42 pm
