
नई दिल्ली। एक ओर पार्टियां लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हैं। वहीं, दूसरी नेताओं का दल-बदल का खेल जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राहुल के करीबी माने जाने वालीं आशाबेन पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
भाजपा में शामिल हुईं आशाबेन
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही आशाबेन ने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। हालांकि, पार्टी बदलने की अटकलों के बीच कांग्रेस ने उन्हें भाजाप के खेमे में जाने से रोकने के लिए जोरदार अभियान चलाया था। लेकिन, कांग्रेस ने इस मकसद में कामयाब नहीं हुए। शनिवार को सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए आशाबेन ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर की मौजूदगी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी के हाथों पार्टी की सदस्या ग्रहण की।
कांग्रेस को बड़ा झटका
इससे पहले कांग्रेस से इस्तीफा देते वक्त उन्होंने कांग्रेस की गुटबाजी और आलाकमान के उदासीन रवैयों को जिम्मेदार बताया था। कड़वा उपजाति की आशाबेन हार्दिक पटेल की करीबी मानी जाती है। ऊंझा में इस जाति का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल उमियाधाम मंदिर स्थित है। लंबे समय तक भाजपा का गढ़ रहे ऊंझा में भाजपा के नारणभाई पटेल को हराकर उन्होंने सबको चौंका दिया था। आशाबेन के इस कदम से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। साथ ही गुजरात में राहुल गांधी की एक बार फिर मुश्किलें बढ़ सकती है।