राजनीति

राहुल गांधी ने ब्रिटिश राज से की मोदी सरकार की तुलना, कहा- हम लड़ेंगे और फिर जीतेंगे

कांग्रेस की शनिवार को दिल्ली में संसदीय दल की बैठक। इस बैठक में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित सांसद रहे मौजूद। बैठक में सोनिया गांधी को चुना गया संसदीय दल का नेता।
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rahul gandhi
कांग्रेस संसदीय दल में नेता के नाम पर लग सकती है मुहर, राहुल गांधी पर संस्पैंस

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गांधी को सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुना गया है। बैठक में पार्टी के सभी 52 सांसदों ने सोनिया गांधी के नाम पर एक साथ सहमति जताई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद राहुल गांधी पहली बार पार्टी के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने मोदी सरकार की तुलना ब्रिटिश राज से की। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने सांसदों से कहा कि आपको देश में कोई भी संस्थान मदद करने वाला नहीं है। कोई भी आपका समर्थन नहीं करेगा, यह ब्रिटिश काल जैसा है, जब हमें किसी भी संस्था ने सहयोग और समर्थन नहीं किया तब भी हम मजबूती के साथ लड़े और जीते। हम एक बार फिर से उसी मजबूती के साथ जीतेंगे। हमारे 52 सांसद संसद में इंच-इंच के लिए लड़ाई लड़ेंगे।

सोनिया ने जताया आभार

शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक हुई। संसद के सेंट्रल हॉल में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की नेता बनीं रहेंगी। इस दौरान सोनिया गांधी ने 12 करोड़ वोटर्स को शुक्रिया कहा। कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया फिर से संसदीय दल की नेता चुनी गईं हैं।

'52 सांसद ईंच-ईंच की लड़ाई लड़ेंगे'

बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के 52 सांसद ईंच-ईंच की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमें आक्रमक बने रहना है। राहुल गांधी ने सभी वोटर्स को धन्यवाद देते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान के लिए लड़ाई लड़ रही है। इसलिए पार्टी के सभी सदस्यों को पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम 52 सांसद ही भाजपा का मुकाबला करने में सक्षम हैं।

17वीं लोकसभा के गठन के बाद पहली बैठक

17वीं लोकसभा के गठन के बाद कांग्रेस संसदीय दल की यह पहली बैठक हुई है। आपको बता दें कि 25 मई को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद पार्टी की यह पहल आफिशियल मीटिंग होगी जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हुए हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि कांग्रेस ने राहुल के इस्तीफे की बात को खारिज किया था।

जिला प्रमुखों की नियुक्ति में दखल देना नहीं

नेताओं ने कहा कि राहुल ने लोकसभा चुनाव में पार्टी को मात्र 52 सीटें मिलने के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का प्रस्ताव रखा था और आह्वान किया था कि गांधी परिवार से बाहर का कोई आकर पार्टी प्रमुख का पद संभाले। राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं से कहा है कि वह पार्टी की राज्य इकाइयों के गठन और जिला प्रमुखों की नियुक्ति में दखल देना नहीं चाहते। पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने की राहुल की पेशकश कांग्रेस कार्यसमिति खारिज कर चुकी है।

Updated on:
02 Jun 2019 09:15 am
Published on:
01 Jun 2019 08:12 am
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