- चुनाव से पहले अपनों को साधने की कोशिश...- 7 साल बाद घोषित कांग्रेस कार्यकारिणी में 328 शामिल
ग्वालियर। कुछ समय पहले कांग्रेस में हुई टूट के बाद कांग्रेस एक बार फिर संभलने की कोशिश करती दिख रही है। दरअसल पूर्व में ज्योतिरादित्य सिंधिया के अपने साथियों के साथ कांग्रेस को छोड़कर भाजपा मे शामिल होने से कांग्रेस की कमान मध्यप्रदेश के कई जिलों में कमजोर होती दिखी।
ऐसे में कांग्रेस ने आखिरकार सात साल बाद एक बार फिर अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा की है। शुक्रवार देर रात घोषित ग्वालियर की इस जिला कार्यकारिणी में 328 लोगों को शामिल किया गया है। इसमें 46 उपाध्यक्ष, 104 महामंत्री, 165 सचिव और 13 सदस्य बनाए गए हैं। विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के समीकरण साधने की कोशिश जंबो कार्यकारिणी में साफ नजर आई। असंतोष खत्म करने सभी को पद से नवाजा गया।
जिलाध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कार्यकारिणी की घोषणा कर जिला अध्यक्ष को बदलने की चर्चा पर विराम लगा दिया, लेकिन उनकी विशाल टीम से इतना अंदाजा तो लग गया कि कांग्रेस में अंदरूनी तौर पर नाराजगी खत्म करने की पहल की गई है। दरअसल, जिला कांग्रेस का एक धड़ा उनको हटाने का प्रयास कर रहा था। इसके लिए लगातार प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ तक शिकायतें की जा रही थीं। यही वजह रही कार्यकारिणी में हर बड़े नेता, विधायक के समर्थकों को जगह दी गई है।
दक्षिण विधायक के विरोधी भी शामिल
नवीन कार्यकारिणी में विधायक प्रवीण पाठक के विरोधियों को कार्यकारिणी में स्थान मिल गया है। विधायक ने पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि मेरी विधानसभा में मुझ से पूछकर लोगों को शामिल किया जाए, लेकिन इस बार जिलाध्यक्ष ने अपने हिसाब से लोगों को शामिल किया। आनंद शर्मा को लेकर विधायक को आपत्ति थी, लेकिन उनको उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पुराने नेता को भी मिला स्थान
कार्यकारिणी में पुराने कांग्रेस नेताओं को शामिल किया गया है जो पिछले कई वर्षों से कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन उनको कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिला था, लेकिन इस बार वे भी स्थान पा गए। इसके अलावा विधायक सतीश सिंह सिकरवार के करीबियों को भी कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है।