कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह से एक्शन में आ चुकी है मोदी सरकार राहत पैकेज की घोषणा के बाद अब कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों का प्रभारी बनाया
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) से निपटने के लिए मोदी सरकार ( Modi Goverment ) पूरी तरह से एक्शन में आ चुकी है। कोरोना ( Coronavirus ) के लिए राहत पैकेज ( Relief package) की घोषणा के बाद अब कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों का प्रभारी बनाया गया है।
इन मंत्रियों का काम राज्यों में कोरोना वायरस ( COVID-19 ) के तैयारियों और इंतजामों पर नजर रखना है।
दरअसल, इन प्रभारी कैबिनेट मंत्रियों को राज्य के जिलाधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों से बातचीत कर जिलों का हाल जानना होगा।
इसके साथ ही उनको केंद्र सरकार और हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से जारी गाइडलाइंस के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का भी संज्ञान लेना होगा।
इसके साथ ही हर राज्य से फीडबैक लेने की भी व्यवस्था की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा चार केंद्रीय मंत्रियों की ड्यूटी उत्तर प्रदेश के लिए लगाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, महेंद्रनाथ पांडेय, कृष्णपाल गुर्जर और संजीव बालयान को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी है। इसी तरह गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्थान और पंजाब की जिम्मेदारी दी है।
वहीं जनरल वीके सिंह को असम, रविशंकर प्रसाद और रामविलास पासवान को बिहार, धमर्ंेद्र प्रधान को ओडिशा, छत्तीसगढ़ अर्जुन मुंडा व झारखंड की मुख्तार अब्बास नकवी को जिम्मेदारी दी है। इसी तरह नितिन गडकरी और प्रकाश जावड़ेकर को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई है।
आपको बता दें कि चीन के वुहान से निकल? कोरोना वायरस ?? ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी है। भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 650 के पार पहुंच गई है।
हालांकि भारत में अभी कोरोना वायरस दूसरी स्टेज में है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत जल्द ही कोरोना की तीसरी स्टेज में प्रवेश कर सकता है।
यही वजह है कि भारत सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू कर दिया है। लॉकडाउन के दूसरे दिन ही मोदी सरकार ने देशवासियोंक के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया।
पीएमओ सूत्रों ने बताया कि सभी मंत्रियों को राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण, अपडेट और बचाव आदि की रिपोर्ट रोजाना देनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि केंद्रीय मंत्रियों को राज्यवार जिम्मेदारी सौंपे जाने से राज्यों में कोरोना से बचाव कार्य में और तेजी आएगी। केंद्रीय मंत्रियों की ओर से संबंधित राज्यों के मुख्यंत्रियों से समन्वयक बनाकर राहत कार्यों का आसानी से संचालन किया जा सकेगा।