UP Assembly Election 2022 : मेरठ में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा (BJP) के दलित सांसद डा0 भोला खटीक ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और बसपा के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने कहा कि बहन जी इस भूल में न रहे कि दलित वोट बैंक उनकी धरोहर हैं।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ . UP Assembly Election 2022 : दलित समाज ने बसपा से दूरी बना ली है। दलित समाज और उनके मिले वोटो का बसपा और बहन मायावती ने कितना दुरूपयोग किया। यह कोई बताने की बात नहीं है। यह बातें भाजपा सांसद डा0 भोला खटीक ने मेरठ में आयोजित अनुसूचित जाति मोर्चा कार्यक्रम के दौरान कही।
भाजपा सांसद ने कहा कि दलित वोट बैंक (Dalit vote bank ) मायावती की धरोहर नहीं है। बसपा में दलितों का सबसे अधिक शोषण हुआ हैं। उन्होंने कहा कि दलितों का हित तो बहन जी कर नहीं पाई और अब बात सर्वसमाज की कर रही हैं। अगर इतनी ही हितैषी हैं दलितों की तो दलित महिलाओं को आगे क्यों नहीं बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि बाबा भीमराव अंबेडकर ने संविधान लिखा था। बाबा भीमराव अंबेडकर दलित की आवाज थे।
आज दलितों की आवाज भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उठा रहे हैं। सांसद भोला ने कहा कि बाबा साहब से जुड़े पांच तीर्थों में प्रधानमंत्री ने अबकी बार 26 अक्टूबर 6 नवंबर तक बनाने का कार्य किया। अगर दलितों को सम्मान मिलना है तो वह भारतीय जनता पार्टी में मिलना है।
उन्होंने बताया कि भाजपा से पांच सांसद अनुसूचित जाति के हैं। जिसमें से तीन जाटव है आज मोदी (MODI) की सरकार में 12 मंत्री दलित समाज से हैं। देश में चार राज्यपाल दलित समाज से हैं। यह सम्मान भारतीय जनता पार्टी ही दे सकती है। भाजपा ने हमारे समाज के लोगों को सम्मान देने का काम किया है। जबसे देश आजाद हुआ है तब से भीमराव अंबेडकर के सम्मान का काम किया है तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने किया है। पहले आदमी को उसके काम से उसकी जाति जानी जाती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नारे 'सबका साथ सबका विकास' के बल पर ही पार्टी और देश आगे बढ़ रहा है।