राजनीति

‘जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं’, उद्धव के आंदोलन पर सीएम फडणवीस का तंज; शिंदे बोले- राहुल और अखिलेश को भी बुला लेते

Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: नागपुर में उद्धव ठाकरे के राम रक्षा स्तोत्र पाठ के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तीखा हमला बोला। फडणवीस ने कहा, 'जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं', जबकि शिंदे ने इसे पार्टी बचाने की कवायद बताया।
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Jul 19, 2026
Uddhav Thackeray Ram Raksha andolan nagpur
नागपुर में उद्धव ठाकरे का 'राम रक्षा' आंदोलन (Photo: X/@ShivSenaUBT_)

Maharashtra Politics: नागपुर में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा आयोजित राम रक्षा स्तोत्र पाठ को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए उनके कार्यक्रम को राजनीतिक बताया। वहीं, उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए 'भाजपा-मुक्त राम' का नारा दिया और अपने आंदोलन को 'चोर बनाम रामभक्त' करार दिया। उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व छोड़ने और अयोध्या राम मंदिर का चंदा चुराने का आरोप लगाया।

उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर साधा निशाना

शनिवार को नागपुर के राम नगर स्थित राम मंदिर में उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। इस कार्यक्रम में आदित्य ठाकरे और संजय राउत भी मौजूद रहे।

इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा, "राम रक्षा की बात करना ठीक है, लेकिन हमारी जिम्मेदारी 'राम की रक्षा' करना है। मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि मंदिर की तिजोरी कैसे लूटी जा रही है? क्या यही हिंदू राष्ट्र है जिसकी कल्पना की गई थी? राम मंदिर भक्ति और आस्था के लिए बना था या चंदे की चोरी के लिए?"

उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) हिंदुत्व नहीं छोड़ सकती, लेकिन भाजपा ने हिंदुत्व का रास्ता छोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि चंदा लूट की जांच के लिए जो एसआईटी बनाई गई है वह केवल दिखावा है और पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह आंदोलन केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अयोध्या और काशी विश्वनाथ तक भी ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमें 'बीजेपी मुक्त राम' चाहिए। अब हिंदू उन्हें माफ नहीं करेंगे। दोषियों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए। यह लड़ाई चोरों और राम भक्तों के बीच है।"

फडणवीस बोले- 'जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं'

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उद्धव ठाकरे को आखिरकार यह एहसास हो गया है कि "जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।" उन्होंने कहा, "इसी वजह से वे भगवान राम के पास लौटे हैं और मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं। यदि वे सच में राम रक्षा स्तोत्र का आयोजन कर रहे हैं तो उम्मीद है कि इस बार भगवान राम का नाम पूरी श्रद्धा से लेंगे और इसे राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बनाएंगे।"

एकनाथ शिंदे का पलटवार- राहुल गांधी, अखिलेश को क्यों नहीं बुलाया?

शिवसेना प्रमुख व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने 2019 में बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व और विचारधारा को छोड़कर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सरकार बनाई, वे अब राम का नाम ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने हिंदुत्व की राजनीति को गलती बताया, जिन्होंने अपने सहयोगी भाजपा की पीठ में छुरा घोंपा और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी, वे आज राम रक्षा की बात कर रहे हैं। यह कार्यक्रम भगवान राम के लिए नहीं, बल्कि अपनी पार्टी को बचाने के लिए किया जा रहा है।"

शिवसेना (यूबीटी) की ओर से सीएम फडणवीस को कार्यक्रम का निमंत्रण दिए जाने के सवाल पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्हें अपने सहयोगी दलों के नेताओं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अखिलेश यादव को भी बुलाना चाहिए था।

शिंदे ने कहा, "क्या उन्हें भगवान राम का नाम लेने का अधिकार है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का निर्माण कराया और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया। अगर आज बालासाहेब ठाकरे जीवित होते तो वे मोदी की पीठ थपथपाते और उनका सम्मान करते।"

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांत और हिंदुत्व दोनों छोड़ दिया। इसलिए महाराष्ट्र की जनता ने उन्हें पिछले कई चुनावों में उन्हें उनकी जगह दिखा दी है।

Updated on:
19 Jul 2026 09:06 am
Published on:
19 Jul 2026 09:06 am