येडियूरप्पा ने कहा कि सिद्धू कोविड-१९ चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों को पहले देखें और कोई भ्रष्टाचार सामने आता है तो कार्रवाई होगी। लेकिन, वे सबूत अनर्गल आरोप नहीं लगाएं। उन्होंने कहा कि सिद्धू को विधानसौधा में बैठकर कोविड-19 की रोकथाम के लिए की गई उपकरणों की खरीद के तमाम दस्तावेजों का निरीक्षण कर लेना चाहिए। अधिकारी उनको तमाम दस्तावेज उपलब्ध करवाएंगे।
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा ने सोमवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरामय्या पर पलटवार करते हुए कहा कि वे बिना सबूत के उनकी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाएं।
येडियूरप्पा ने कहा कि सिद्धू कोविड-१९ चिकित्सा उपकरणों की खरीद से जुड़े दस्तावेजों को पहले देखें और कोई भ्रष्टाचार सामने आता है तो कार्रवाई होगी। लेकिन, वे सबूत अनर्गल आरोप नहीं लगाएं। उन्होंने कहा कि सिद्धू को विधानसौधा में बैठकर कोविड-19 की रोकथाम के लिए की गई उपकरणों की खरीद के तमाम दस्तावेजों का निरीक्षण कर लेना चाहिए। अधिकारी उनको तमाम दस्तावेज उपलब्ध करवाएंगे।
पहली बात तो यह है कि उपकरणों की खरीद में कोई घोटाला नहीं हुआ है। यदि किसी तरह की खामियों या अनियमितताओं की पुष्टि हो जाती है तो वे संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करेंगे।
हरित क्रांति के प्रणेता
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने आजादी के बाद देश में उत्पन्न खाद्यान्न संकट दूर करने के लिए हरित क्रांति का सूत्रपात किया और इसी के चलते देश आज अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सका है। रक्षा मंत्री के पद पर रहने के दौरान उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल, गृहमंत्री बसवराज बोम्मई, सांसद ए. नारायणस्वामी, पूर्व मंत्री एच.आंजनेया तथा मुख्य सचिव टीएम विजय भास्कर मौजूद थे।
अनर्गल आरोप लगाने से बाज आएं सिद्धू: श्रीरामुलू
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री बी. श्रीरामुलू ने उपकरण खरीद में घोटाले के बारे में विपक्ष के नेता सिद्धरामय्या के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता को अकारण आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने सोमवार को ट्वीट किया कि कोरोना के कारण लोग समस्याओं से घिरे हुए हैं और हमें इस पर विजय पाना है। यह वक्त काम करने का है लिहाजा राज्य की जनता के हित में काम करें और जनता को भी काम करने दिया जाना चाहिए। वे राज्य की जनता की तरफ से उनसे इसी न्यूनतम स्तर के सहयोग की मांग करते हैं।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.के. सुधाकर ने कहा कि कोरोना के खिलाफ संघर्ष में हम सभी योद्धा हैं। पूरे समाज को एकजुट होना है और इस दौरान ओछी राजनीति के लिए गलत बातें फैलाकर लोगों में फूट डालने के प्रयास छोड़ दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दिन-रात काम कर रही सरकार व कोरोना योद्धाओं पर लांछन लगाने को लोग कभी माफ नहीं करेंगे।