
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन घोटाला ( JKCA scam ) मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah ) से प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate ) की पूछताछ जारी है। इस मामले में ईडी के श्रीनगर स्थित आवास पर उनसे पूछताछ कर रहे हैं। जांच अधिकारी फारूक अब्दुल्ला से जेकेसीए में पैसों की गड़बड़ी के मामले में पूछताछ कर रहे हैं। इस मामले में ईडी ने उन्हें तलब किया था।
फारूक अब्दुल्ला पर जेकेसीए का अध्यक्ष रहते हुए 43 करोड़ रुपए की कथित धांधली करने का आरोप है।
2012 में हुआ था खुलासा
साल 2012 में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में करीब 113 करोड़ रुपए के गबन का खुलासा हुआ था। बीसीसीआई ( BCCI ) ने 2002 से दिसंबर 2011 के दौरान जेकेसीए को यह रकम ट्रांसफर की थी। लेकिन फंड का कथित तौर पर गबन कर लिया गया। बीसीसीआई ने 43 करोड़ रुपए उस समय जारी किए थे जब फारूक अब्दुल्ला जेकेसीए के अध्यक्ष थे।
हाईकोर्ट ने सौंपी थी सीबीआई को जांच
बता दें कि हाईकोर्ट ने नौ मार्च 2017 को इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी थी। हाईकोर्ट में अपनी टिप्प्णी में कहा था कि इस मामाले में पुलिस की जांच में तेजी और विश्वसनीयता का घोर अभाव है।
ईडी की पूछताछ सियासी पक्षपात
इस मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान आया है। उमर अब्दुल्ला ने अपने बयान में कहा है कि जम्मू-कश्मीर में नए सिरे से सियासी घटनाक्रमों में तेजी आने के बाद फारूक अब्दुल्ला से ईडी ने पूछताछ कर रही है। यह कदम राजनीतिक पक्षपात के तहत उठाया गया है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख से पूछताछ में कोई दम नहीं है। इसके साथ ही फारूक अब्दुल्ला के आवास पर ईडी की छापेमारी का भी उन्होंने खंडन किया है।