बजट सत्र में लोकसभा में कुल 29 बैठकें हुई जिसमें पहले चरण में 7 और दूसरे में 22
नई दिल्ली। सोलहवीं लोकसभा का 14वां सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। हंगामे के कारण सत्र के अंतिम दिन भी कोई कामकाज नहीं हो पाया। सत्र शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इस सत्र में विपक्षी दलों के हंगामे और विभिन्न कारणों से 127 घंटे 45 मिनट कार्य बाधित रहा।
सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के अवसर पर सुमित्रा महाजन ने समापन भाषण में कहा कि सत्र के दौरान कुल पांच विधेयक पेश किए और पांच पारित हुए। जिनमें वित्त विधेयक 2018, उपदान संदाय (संशोधन) विधेयक 2017 और विनिर्दिष्ट अनुतोष (संशोधन) विधेयक 2017 आदि विधेयक पारित किए गए। लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र के दौरान कुल 29 बैठकें हुई जिसमें पहले चरण में 7 और दूसरे चरण में 22 बैठकें हुई। बजट पर चर्चा 12 घंटे 13 मिनट तक चली। 14 मार्च को वित्त विधेयक पारित किया गया। सत्र के दौरान नियम 377 के अधीन भी 238 मामले उठाए गए। संसद सत्र के दौरान विभागों से संबंधित स्थायी समितियों ने 61 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। सत्र के दौरान संबंधित मंत्रियों द्वारा कुल 1185 पत्र सभा पटल पर रखे गए।
हंगामे के कारण नहीं हो सका कामकाज
संसद के बजट सत्र में विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लगातार सदन बाधित होता रहा। संसद के दोनों सदनों में हंगामे के कारण कामकाज नहीं हो सका। लोकसभा अध्यक्ष के मुताबिक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 10 घंटे 43 मिनट चली। वहीं 7 और 8 फरवरी को बजट पर चर्चा 12 घंटे 13 मिनट चली। लेकिन बाकी दिनों में ज्यादा कामकाज नहीं हो सका।
दो चरणों में चला सत्र
29 जनवरी 2018 को शुरू हुआ बजट सत्र दो चरणों में चला। पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी और दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चला। जिसमें एक फरवरी को आम और रेल बजट पेश किया गया।