
जैन संतों के लिए सड़क पर बनाई सफेद पट्टी! मनसे ने दी चेतावनी (Photo: X/@prasadvedpathak)
मुंबई के कई इलाकों में सड़कों पर जैन धर्मगुरुओं के लिए बनाई गई सफेद पट्टियों को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और जैन समुदाय के बीच विवाद बेहद गहरा गया है। घाटकोपर, दादर, गिरगांव और चर्नी रोड में जैन समुदाय की ओर से बनाई गई सफेद पट्टियों पर मनसे ने कड़ा विरोध जताया है। इस पूरे विवाद के बीच जैन मुनि निलेशचंद्र और मनसे नेता संदीप देशपांडे के बीच तीखी बयानबाजी भी सामने आई है।
मुंबई के कई इलाकों में जैन समुदाय द्वारा सड़कों पर सफेद रंग की पट्टियां बनाई गई थीं। बताया गया कि यह नंगे पैर चलने वाले जैन संतों के लिए बनाया गया था, ताकि तेज धूप में उन्हें चलने में आसानी हो। हालांकि, मनसे ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सार्वजनिक सड़कों पर बिना अनुमति ऐसे पट्टियां बनाना ‘सांस्कृतिक आतंकवाद’ है।
इसके खिलाफ दादर में मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने हस्तक्षेप किया और स्पष्ट किया कि ऐसी सफेद पट्टियां बनाने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद कई स्थानों से इन पट्टियों को हटाया गया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब जैन मुनि निलेशचंद्र ने कहा कि जैन समाज ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं, समय आने पर जवाब दिया जाएगा। लेकिन उन्होंने जैन समाज से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफेद रंग शांति का प्रतीक होता है और राज्य के कई मंदिरों में इसका उपयोग होता है।
मुनि ने संदीप देशपांडे को भिवंडी जाने की चुनौती देते हुए कहा कि वहां चारों ओर हरा रंग दिखाई देता है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
जैन मुनि के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप देशपांडे ने कहा कि ‘हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं’ जैसे शब्द महिलाओं के प्रति गलत मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि मराठी समाज का इतिहास वीर महिलाओं से भरा पड़ा है। अहिल्याबाई होलकर, जीजाबाई और झांसी की रानी जैसी महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को कमजोर मानने वाली सोच स्वीकार नहीं की जा सकती।
देशपांडे ने यह भी कहा कि अगर सफेद पट्टियां बनाने वालों में हिम्मत है तो वे मुंब्रा या पायधुनी जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में जाकर ऐसी ही पट्टियां बनाकर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि मनसे ने पहले भी मस्जिदों में लाउडस्पीकर मुद्दे पर आंदोलन करके अपनी ताकत दिखाई है।
मनसे नेता ने जैन समुदाय के कुछ लोगों पर सांस्कृतिक आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनसे ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी। देशपांडे ने दावा किया कि यदि इस तरह के मामलों को नहीं रोका गया तो भविष्य में मुंबई के कुछ इलाके अपनी मूल पहचान खो सकते हैं। वह ‘जैन गांव’ कहलाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म का पालन व्यक्तिगत और धार्मिक परिसरों तक सीमित रहना चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन होना चाहिए।
Updated on:
14 Jun 2026 01:38 pm
Published on:
14 Jun 2026 01:33 pm
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