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सिद्धिविनायक मंदिर में दान की रकम में गड़बड़ी का आरोप, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उच्चस्तरीय जांच के दिए आदेश

Siddhivinayak Temple: सिद्धिविनायक मंदिर में दान की रकम में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार पिछले पांच वर्षों के दान और हुंडी से मिली रकम का पूरा रिकॉर्ड खंगालेगी।
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Siddhivinayak Temple

सिद्धिविनायक मंदिर। फाइल फोटो- पत्रिका

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सबसे सम्मानित धार्मिक स्थलों में से एक सिद्धिविनायक मंदिर में कथित वित्तीय गड़बड़ियों पर कार्रवाई करते हुए दान के तौर पर इकट्ठा की गई रकम की व्यापक और उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का यह आदेश महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद आया है।

18 करोड़ रुपए की हेराफेरी

सूत्रों के अनुसार राज ठाकरे ने यह दावा किया था कि मंदिर के दान-पात्रों से हर साल भारी-भरकम 18 करोड़ रुपए की हेराफेरी की जा रही है। राज्य के सभी अधिकारियों को पिछले पांच वर्षों (2023-2026) के दौरान मंदिर में आए दान और हुंडी (दान-पात्र) से इकट्ठा हुई रकम के विस्तृत रिकॉर्ड की जांच करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या असामान्य उतार-चढ़ाव का पता लगाया जा सके। जानकारी के अनुसार यह जांच तब शुरू की गई जब सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की।

आधिकारिक जांच का किया था अनुरोध

इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई अध्यक्ष सदा सरवणकर और कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने दान से इकट्ठा हुई रकम का हिसाब-किताब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के सामने पेश किया और उनसे आधिकारिक जांच का अनुरोध भी किया। गौरतलब है कि यह विवाद तब सामने आया जब मंदिर प्रबंधन ने कुछ संदिग्ध गड़बड़ियों की ओर इशारा किया, जिसके बाद दान-पात्रों से नकदी चोरी के मामले में मंदिर के नौ कर्मचारियों को आंतरिक रूप से निलंबित कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

ऑडिट रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अधिकारियों को जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और शीघ्र ही एक व्यापक अनुपालन और ऑडिट रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि राज ठाकरे ने कहा था कि चोरी पकड़े जाने से पहले मंदिर के दान की साप्ताहिक राशि 50 लाख रुपए से भी कम रहती थी, लेकिन चोरी का खुलासा होने के बाद वही इकट्ठा दान बढ़कर लगभग डेढ़ करोड़ रुपए प्रति सप्ताह तक पहुंच गया। उन्होंने कहा था कि इससे साफ संकेत मिलता है कि लंबे समय से दान की रकम में हेराफेरी हो रही थी। राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले पर बोलने की मांग की और कहा था कि जब मंदिर जैसे आस्था के केंद्र भी सुरक्षित नहीं हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

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