
सिद्धिविनायक मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर राज ठाकरे पर भड़की भाजपा (Photo: X/IANS)
Siddhivinayak Temple BJP vs MNS: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करोड़ों रुपये के चंदे की कथित हेराफेरी का आरोप लगाने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भाजपा (BJP) ने राज ठाकरे के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसा बयान देते हैं। उधर, मंदिर ट्रस्ट ने भी ठाकरे के आरोपों को खारिज कर दिया है।
मुंबई के घाटकोपर से भाजपा विधायक राम कदम ने राज ठाकरे के दावों को बेबुनियाद बताते हुए कहा, यदि मनसे प्रमुख के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे पुलिस के सामने पेश करना चाहिए। न की केवल मीडिया में आकर बयानबाजी करनी चाहिए।
राज ठाकरे ने दावा किया कि मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के चंदे की हेराफेरी होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। मनसे प्रमुख ने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी जवाब देने की मांग की।
मीडिया से बातचीत में भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर को लेकर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "राज ठाकरे खुद अक्सर सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। मैंने उनके साथ पांच साल काम किया है और भगवान गणेश उनके आराध्य देव हैं। ऐसे में मंदिर के बारे में इस तरह के आरोप लगाना ठीक नहीं है।"
राम कदम ने आगे कहा कि यदि राज ठाकरे के पास किसी भी तरह की ठोस जानकारी या सबूत हैं तो उन्हें पुलिस को सौंपना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।
भाजपा नेता ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया के सामने इस तरह के आरोप लगाने से केवल सुर्खियां मिल सकती हैं, लेकिन इससे मंदिरों में कथित अनियमितताओं को रोकने का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, "बिना पुख्ता जानकारी के केवल मीडिया के सामने बोलना सुर्खियां बटोरने की कोशिश है। अगर तथ्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने रखा जाना चाहिए।"
श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट में किसी भी तरह का आर्थिक घोटाला या वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने कहा कि कुछ ट्रस्टियों द्वारा सरकार को भेजे गए पत्र के कारण लोगों के बीच गलतफहमी पैदा हुई है।
उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर न्यास का पूरा कामकाज पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। मंदिर के प्रशासन में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Updated on:
02 Aug 2026 06:25 pm
Published on:
02 Aug 2026 06:14 pm
