
पिता पर लगे आरोपों के बीच अभिजीत दीपके ने बताया अमेरिका जाने का सच, फोटो सोर्स- ANI
Abhijit Dipke CJP founder: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और उसके द्वारा नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर किए गए बड़े प्रदर्शनों ने देश भर में सुर्खियां बटोरी हैं। संसद मार्च से लेकर पुलिस लाठीचार्ज तक, इस पूरे आंदोलन के केंद्र में रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके।
मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत दीपके अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन भारत में चल रहे छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए वे स्वदेश लौट आए। छत्रपति संभाजीनगर की गलियों से निकलकर अमेरिका के प्रतिष्ठित बोस्टन विश्वविद्यालय तक पहुंचने के उनके सफर को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। हाल ही में TV9 मराठी को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत ने अपनी इस पूरी यात्रा का खुलासा किया है।
अपनी शुरुआती जिंदगी के बारे में बात करते हुए अभिजीत ने बताया कि 'मेरा जन्म छत्रपति संभाजीनगर में हुआ और वहीं मेरी स्कूली शिक्षा पूरी हुई। स्कूल के दिनों में मैं क्रिकेट टीम का कप्तान था और जिला व डिविजनल स्तर पर क्रिकेट खेला। मुझे क्रिकेट बेहद पसंद था, लेकिन हर परिवार की तरह मेरे माता-पिता का भी मानना था कि हर बच्चा सचिन तेंदुलकर नहीं बन सकता। इसलिए उन्होंने मुझे पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।'
स्कूली शिक्षा के बाद अभिजीत उच्च शिक्षा के लिए पुणे चले गए। उन्होंने बताया कि संभाजीनगर जैसे छोटे शहरों के बच्चों के सपने बहुत सीमित (डॉक्टर या इंजीनियर बनने तक) होते हैं, लेकिन पुणे जाने के बाद उनका इरादा बदल गया। दरअसल, पुणे में ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्हें आम आदमी पार्टी से इंटर्नशिप का ऑफर मिला। आप AAP के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल से प्रभावित होकर वे दिल्ली आ गए और 2 से 3 साल तक पार्टी के साथ काम किया।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बाद में उन्हें अहसास हुआ कि इस कमाई से घर चलाना मुश्किल है, इसलिए उन्हें कुछ और करने की जरूरत थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि वर्तमान में उनका आम आदमी पार्टी से कोई औपचारिक संबंध नहीं है, हालांकि वहां बने कुछ दोस्त आज भी उनके संपर्क में हैं।
दिल्ली में काम करने के दौरान अभिजीत की मुलाकात ऐसे दोस्तों से हुई जो विदेश में पढ़ाई कर रहे थे या करने जाने वाले थे। इससे उनका हौसला बढ़ा। अमेरिका जाने के सवाल पर अभिजीत ने खुलासा करते हुए कहा कि मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप मिली थी। इसके अलावा, बाकी के खर्चों के लिए मैंने बैंक से एजुकेशन लोन लिया। इसी स्कॉलरशिप और लोन के सहारे मैं दो साल अमेरिका में पढ़ाई कर पाया। अब CJP के इस आंदोलन के लिए मैं भारत लौटा हूं।
Updated on:
02 Aug 2026 05:12 pm
Published on:
02 Aug 2026 05:12 pm
