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उज्जैन महाकाल की तर्ज पर बनेगा ‘सिद्धिविनायक कॉरिडोर’, श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं, जानें पूरा प्लान

Siddhivinayak temple corridor: मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर परियोजना का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। लंबे समय से अटकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन अब 25 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के साथ ही प्रभादेवी स्थित मंदिर परिसर की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 22, 2026

Siddhivinayak temple corridor bhoomi pujan

सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर का रास्ता साफ (Photo: IANS)

मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर जाने वाले करोड़ों भक्तों के लिए अच्छी खबर है। पिछले काफी समय से लंबित पड़े 'सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर' (Siddhivinayak Temple Corridor) परियोजना के भूमिपूजन का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में सोमवार (25 मई) को इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर का भूमिपूजन किया जाएगा।

सिद्धिविनायक मंदिर गणपति बप्पा के भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां भक्त अपनी मनोकामनाओं के लिए बप्पा के दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं। श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से मंदिर परिसर की सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। इस कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर में बढ़ती भीड़, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करना है।

क्या है पूरा प्लान?

मुंबई के प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में हर दिन हजारों और मंगलवार, संकष्टी चतुर्थी या बड़े त्योहारों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ के कारण यहां अक्सर पार्किग की दिक्कत होती है और भक्तों को लंबी कतारों में भी परेशान होना पड़ता है। इसी समस्या को स्थाई रूप से हल करने के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन कॉरिडोर (महाकाल लोक) की तर्ज पर सिद्धिविनायक मंदिर को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद दर्शन व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।

इस मेगा प्रोजेक्ट का कुल अनुमानित खर्च 470 करोड़ से 500 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। इसके पहले चरण के विकास कार्यों के लिए लगभग 78 करोड़ से 93 करोड़ रुपये का टेंडर (निविदा) भी जारी कर दिया गया है। हाल ही में इस परियोजना के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक मंजूरियों, भूमि हस्तांतरण और कानूनी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके बाद अब जमीनी स्तर पर काम तेजी से शुरू होगा।

अंडरग्राउंड पार्किंग से लेकर भव्य रास्तों तक, भक्तों को मिलेंगी ये सुविधाएं

इस कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत मंदिर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सहेजते हुए इसके आसपास के पूरे ढांचे को आधुनिक और विश्वस्तरीय रूप दिया जाएगा।

सड़क और फुटपाथ का चौड़ीकरण: मंदिर परिसर की ओर जाने वाले रास्तों का सुशोभीकरण किया जाएगा और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौड़े व सुरक्षित पादचारी मार्ग विकसित किए जाएंगे।

अंडरग्राउंड पार्किंग: दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के वाहनों के लिए बड़ा भूमिगत पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे मुख्य सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी।

प्रतीक्षा कक्ष का निर्माण: श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रतीक्षा क्षेत्र बनाए जाएंगे। पूरे परिसर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए हाई-टेक सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएंगे।

भक्तों के लिए शुरू होगी नई AC बस सेवा

सिद्धिविनायक आने वाले भक्तों के सफर को और अधिक सुलभ बनाने के लिए बेस्ट (BEST) प्रशासन ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। प्रभादेवी इलाके में यात्रियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती मांग को देखते हुए शनिवार (23 मई) से वातानुकूलित (AC) बस सेवा शुरू की जाएगी।

बेस्ट उपक्रम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह नई एसी बस सेवा श्री सिद्धिविनायक फेरी ए-814 के नाम से चलाई जाएगी। यह सीधे दादर स्टेशन (पश्चिम) से सिद्धिविनायक मंदिर (प्रभादेवी) के बीच चक्कर लगाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह बस सेवा हर 20 से 22 मिनट के अंतराल पर चलेगी।

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