राजनीति

Farooq Abdullah का भड़काऊ बयान- कश्मीर में आजादी की बात बेमानी, हर जगह एके-47 लिए सुरक्षाकर्मी

कश्मीरी न तो खुद को भारतीय मानते हैं और न ही भारतीय होना चाहते हैं। अगर आप कश्मीरियों से बात करें तो कई लोग चाहेंगे कि चीन भारत में आ जाए। धारा 370 समाप्त कर केंद्र ने ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया।

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कश्मीरी न तो खुद को भारतीय मानते हैं और न ही भारतीय होना चाहते हैं।

नई दिल्ली। नजरबंदी और पीएसए की कैद से मुक्त होने के कुछ माह बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah ) केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलने लगे हैं। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग करने के बाद एक बार फिर लोगों को भड़काने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में हर गली में एके-47 लिए सुरक्षाकर्मी खड़ा है। ऐसे में आजादी की बातें बेमानी हो गई हैं।

उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि अगर वे घाटी में कहीं भी भारत के बारे में कुछ बोलते हैं तो कोई उन्हें सुनने वाला नहीं होता है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति के बाद से कश्मीर के लोग खुद को भारतीय नहीं मानते हैं। एनसी नेता फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर भड़काव बयान देते हुए केंद्र सरकार से घाटी में धारा 370 बहाल करने की मांग की है।

लोकसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah ) ने एक वेबसाइट को दिए साक्षात्कार में कहा कि न ही कश्मीरी खुद को न भारतीय मानते हैं और न ही भारतीय होना चाहते हैं। इसके बदले वे चाहते हैं कि चीन उन पर शासन करें।

ईमानदारी से बात करूं तो मुझे हैरानी होगी अगर उन्हें घाटी में कोई ऐसा शख्स मिल जाता है जो खुद को भारतीय बोले। वे खुद को भारतीय नहीं मानते हैं और न ही पाकिस्तानी...। सही माने में एक साल पहले जो हुआ, वह ताबूत में आखिरी कील था।

कश्मीरियों का केंद्र सरकार पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। हिन्दुस्तान के विभाजन के समय घाटी के लोगों का पाकिस्तान जाना आसान था लेकिन तब उन्होंने गांधी के भारत को चुना था न कि मोदी के भारत का।

Updated on:
24 Sept 2020 07:03 pm
Published on:
24 Sept 2020 04:25 pm
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