राजनीति

मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा देने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के राज्‍यपाल से मिलीं महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती ने राज्य के विकास से जुड़े कुछ खास महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र किया जिन्हें उनके कार्यकाल में पूरा नहीं किया जा सका।

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मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा देने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के राज्‍यपाल से मिलीं महबूबा मुफ्ती

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के राज्‍यपाल एनएन वोहरा ने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन राज्‍य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उनसे अलग से मुलाकात का समय मांगा था। राज्‍यपाल ने उनका आमंत्रण स्‍वीकार करते हुए शुक्रवार की शाम उनसे राजभवन में मिले। इस दौरान राज्‍यपाल ने उनके साथ राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। पीडीपी के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मुलाकात में महबूबा ने राज्य के विकास से जुड़े कुछ खास अहम मुद्दों का जिक्र किया, जिसे उनका कार्यकाल अचानक समाप्‍त हो जाने के कारण वह पूरा नहीं कर सकीं। महबूबा ने उन मुद्दों पर राज्यपाल से जल्‍द फैसला लेने का अनुरोध किया और उन्‍हें पूरा करने की मांग की।

घाटी की स्थिति समान्‍य करने पर हुई चर्चा
पीडीपी प्रवक्ता ने जानकारी दी कि राज्यपाल ने घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने और युवाओं का भरोसा फिर से हासिल करने के लिए सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के हाथ मिलाने की जरूरत पर जोर दिया। बता दें कि गठबंधन सरकार से भाजपा के अलग हो जाने के बाद महबूबा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद राज्‍यपाल से उनकी यह पहली मुलाकात थी।

मंगलवार को भाजपा के समर्थन वापसी के बाद दे दिया था इस्‍तीफा
बता दें कि मंगलवार को भाजपा ने जम्मू-कश्मीर सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, बुधवार को घाटी में राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया। राज्यपाल शासन लागू होने के बाद घाटी में माहौल काफी बिगड़ गया। इसके बाद केन्द्र सरकार ने एनएसजी कमांडो को व्यवस्था सुधारने के लिए कश्मीर भेज दिया है।

मार्च 2015 में भाजपा-पीडीपी गठबंधन ने बनाई थी सरकार
बता दें कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन ने दिसंबर 2014 के चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में दो महीने से भी ज्यादा समय बाद गठबंधन सरकार का गठन किया था। जम्मू-कश्मीर की 89 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 25 व पीडीपी को 28 सीटें मिलीं थीं, जबकि नेशनल कांफ्रेस को 15 व कांग्रेस 12 सीटों पर जीत मिली थी। पीडीपी-बीजेपी सरकार एक मार्च, 2015 को सत्ता में आई थी।

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Published on:
23 Jun 2018 09:44 am
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