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पश्चिम बंगाल में I-PAC विवाद: BJP का TMC पर भ्रष्टाचार आरोप, TMC ने कहा- ED का हो रहा राजनीतिक इस्तेमाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल की गिरफ्तारी ने सियासी माहौल खड़ा कर दिया। भाजपा ने इसे भ्रष्टाचार का साधन बताया जबकि TMC ने इसे चुनावी साजिश करार दिया। फेक प्रेस कार्ड और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों ने बहस को और तेज कर दिया है।
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कोलकाता

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Ankit Sai

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Updated: 20 Apr 2026, 1:11 PM IST

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (ANI)

West Bengal I-PAC Controversy: पश्चिम मेदिनीपुर में भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने भारत पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) को राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ाने का माध्यम बताया है। I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद यह बयान आया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इस विवाद से सियासी माहौल गर्मा गया है। TMC पर लगे आरोपों और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई ने दोनों दलों के बीच तीखी बहस छेड़ दी है।

दिलीप घोष का हमला और भ्रष्टाचार का आरोप

भाजपा नेता दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा 'I-PAC को रहने नहीं देना चाहिए। यह यहां राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ाता है। I-PAC भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर पैसे कमाने का साधन बन गया है।' उन्होंने TMC पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, TMC कर्मचारियों, युवाओं और महिलाओं को याद करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद सेंट्रल पे कमीशन लागू किया गया और समय पर डीए बढ़ोतरी हुई, लेकिन यहां कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। दिलीप घोष खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं।

ED ने I-PAC के डायरेक्टर को किया गिरफ्तार

I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को ED ने 13 अप्रैल को PMLA एक्ट 2002 के तहत गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच से जुड़ी है। विनेश चंदेल I-PAC के फाउंडर, डायरेक्टर और 33% शेयरधारक हैं। मामला पश्चिम बंगाल के कथित कोल पिल्फरेज से जुड़ा है। I-PAC की पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए TMC पार्टी के प्रचार का काम कर रही है।

I-PAC ने TMC कार्यकर्ताओं के लिए फेक कार्ड जारी किए

इस मामले ने पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान बढ़ा दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि I-PAC TMC पार्टी के कार्यकर्ताओं को फेक प्रेस आईडेंटिफिकेशन कार्ड जारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि गैर-पत्रकारों को मीडिया सदस्य के रूप में छिपाया जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने चेतावनी दी कि ऐसे व्यक्ति मतदान केंद्रों में घुसकर वोटरों को डरा सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से सभी हालिया प्रेस कार्ड की सख्त जांच करने की मांग की है ताकि चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी बनी रहे।

TMC ने ED कार्रवाई पर उठाए सवाल

कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए TMC सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा 'हम विनेश चंदेल की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं। हम मांग करते हैं कि चुनाव से पहले बंगाल से केंद्रीय एजेंसियों को वापस बुलाया जाए'।

उन्होंने आरोप लगाया कि ED को पॉलिटिकल टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। डेरेक ओब्रायन ने दावा किया कि चुनाव के करीब ऐसी कार्रवाइयां इलेक्टोरल सेबोटाज के बराबर हैं। TMC ने I-PAC के काम रुकने की खबरों को बेबुनियाद बताया और कहा कि कैंपेनिंग पूरी तरह जारी है।