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तमिलनाडु में विजय की सरकार पर एमके स्टालिन का बड़ा दावा, बोले-‘तीन महीने में हो सकती है विदाई’

Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में बयानबाजी फिर तेज हो गई है। एम.के. स्टालिन ने दावा किया है कि थलपति विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार तीन महीने भी नहीं चल पाएगी। स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगियों के समर्थन के कारण ही TVK सत्ता में है।

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M.K. Stalin on tvk

एमके स्टालिन(फोटो-ANI)

M.K. Stalin: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य में थलपति विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार को लेकर डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बड़ा बयान दिया है। रविवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए एम.के. स्टालिन ने कहा कि इसमें संदेह है कि विजय की सरकार तीन महीने भी पूरा कर पाएगी। एम.के. स्टालिन लगातार विजय और टीवीके सरकार पर हमलावर है। इससे पहले भी कई बार विजय को घेर चुके हैं।

TVK सरकार हमारी मेहरबानी से- स्टालिन


डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अपने गठबंधन के पार्टियों को TVK का समर्थन करने से नहीं रोका। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा न हो और राष्ट्रपति शासन जैसी स्थिति से बचा जा सके। स्टालिन ने यह भी कहा कि उस समय उनकी प्राथमिकता तमिलनाडु में ऐसी किसी परिस्थिति को रोकना था, जिससे भारतीय जनता पार्टी को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सके। आपको बता दें कि कांग्रेस सहित पांच राजनीतिक दल इस समय TVK सरकार का समर्थन कर रहे हैं। ये सभी दल पहले डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) का हिस्सा रह चुके हैं।

टीवीके पर साधा निशाना


शनिवार को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए TVK सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर डीएमके और उसके सहयोगी दलों का रुख अलग होता, तो राजनीतिक हालात कुछ और हो सकते थे। स्टालिन ने कार्यकर्ताओं से TVK सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई को और मजबूत करने पर जोर दिया। अपने संबोधन में स्टालिन ने कहा कि चुनावों के बाद उनके गठबंधन में शामिल कई दलों ने TVK को समर्थन देने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि सहयोगी दलों के नेताओं ने पहले उनसे इस बारे में चर्चा की थी और उनकी जानकारी में ही यह कदम उठाया गया था।

खुद अपना चुनाव हार गए थे स्टालिन


राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में एमके स्टालिन को अपनी सीट पर हार का सामना करना पड़ा था। टीवीके के नेता ने ही स्टालिन को चुनाव में हरा दिया। जिसके बाद सत्ता छीनने के साथ-साथ उन्हें अपनी सीट गवांनी पड़ी थी।