
नई दिल्ली। शारदा चिट फंड घोटाले में सीबीआइ की कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, सोमवार को पूर्व आईपीएस अफसर भारती घोष ने भाजपा का दामन थाम लिया। भारती घोष को ममता बनर्जी का करीबी बताया जाता है।
रविशंकर प्रसाद और विजयवर्गीय ने जॉइन कराई पार्टी
राजधानी दिल्ली में स्थित बीजेपी मुख्यालय पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल रॉय की मौजूदगी में भारती घोष ने बीजेपी की सदस्यता ली। भारती घोष के बीजेपी थामने के बाद पार्टी की तरफ से कहा गया कि उनके (भारती) बीजेपी में शामिल होने से पश्चिम बंगाल में पार्टी की स्थिति और मजबूत होगी।
ममता की करीबी रही हैं भारती घोष
आपको बता दें कि भारती घोष को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबियों में गिना जाता था। उन्होंने 29 दिसंबर 2017 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे की वजह ममता बनर्जी से मतभेद रहे थे। दरअसल भारती घोष का तबादला 24 परगना जिले के बैरकपुर में स्थित राज्य सशस्त्र पुलिस(एसएपी) की तीसरी बटालियन में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। भारती घोष ने ऐसे समय में भाजपा का दामन थामा है जब पश्चिम बंगाल में पुलिस बनाम सीबीआइ की लड़ाई चल रही है।
सीबीआइ के खिलाफ धरने पर बैठी हैं ममता
भारती ने बीजेपी जॉइन करते ही ममता बनर्जी पर निशाना साधा। ममता बनर्जी को ये झटका उस वक्त लगा है, जब वो शारदा चिट फंड घोटाले में जांच करने आई सीबीआइ के खिलाफ धरने पर बैठ गई हैं। रविवार शाम को सीबीआइ की टीम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची थी, जहां पुलिस और सीबीआइ अधिकारियों के बीच मारपीट हो गई।