
नई दिल्ली। कांग्रेस ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर आरोप लगाया है कि वह कोरोना महामारी का इस्तेमाल कर डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, ताकि उसका फायदा आने वाले जिला पंचायत चुनाव में उठाया जा सके। पणजी में एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडाणकर ने राज्य सरकार की ओर से गोवा के लोगों और पर्यटकों को औपचारिक सलाह जारी करने में राज्य सरकार की ओर से हुई देरी पर सवाल उठाया। साथ ही इस महामारी की रोकथाम के उपाय करने में देर लगाने का भी आरोप लगाया।
CM सावंत ने आचार संहिता का उल्लंघन किया- कांग्रेस
चोडाणकर ने कहा कि सावंत ने रविवार को एक सार्वजनिक घोषणा की थी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों से 22 मार्च को पंचायत चुनावों से पहले बड़ी अभियान बैठकों का आयोजन नहीं करने का आग्रह किया था और फिर उन्होंने कुछ घंटों बाद ही इसका उल्लंघन किया।
चोडाणकर ने कहा, "सीएम ने शनिवार दोपहर कहा कि सभी राजनीतिक दलों को बड़े समूहों में प्रचार नहीं करना चाहिए और बाद में उसी दिन, उन्होंने खुद कई सार्वजनिक बैठकें कीं। क्या वे हजारों लोगों को चुनावी सभाओं में शामिल कर उन्हें कोरोनावायरस के संपर्क में आने देने का जोखिम नहीं ले रहे हैं?"
चोडाणकर ने आरोप लगाया कि "इसके अलावा, उसी समय में, एक मुख्यमंत्री जिला मजिस्ट्रेटों (डीएम) को सार्वजनिक समारोहों की अनुमति न देने के निर्देश कैसे दे सकता है, जब वह खुद इस तरह की बैठकें बेधड़क आयोजित कर रहा हो। जबकि आचार संहिता लगी हुई है ऐसे में प्रशासन को इस बारे में राज्य चुनाव आयोग को रिपोर्ट करना चाहिए। आयोग को इस मामले की जांच करनी चाहिए।"
कोरोना वायरस के लिए एडवाइजरी जारी करने में देरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री सावंत ने शनिवार को गोवा में स्कूल, कॉलेज, पब और कैसिनो सहित सभी सार्वजनिक स्थानों को आंशिक रूप से बंद करने का आदेश दिया था। सावंत ने यह भी कहा था कि जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया है कि वे कोरोनोवायरस महामारी के मद्देनजर सार्वजनिक समारोहों की अनुमति न दें। साथ ही सावंत ने सभी राजनीतिक दलों से स्थानीय निकाय चुनाव के लिए बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा न करने का आग्रह भी किया।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार द्वारा एक इस वायरस से बचाव के लिए एहतियाती उपाय करने संबंधी औपचारिक सलाह जारी करने में देरी किए जाने पर भी सवाल उठाया। सावंत ने शनिवार शाम तक इस सलाह को जारी करने का आश्वासन दिया था। चोडाणकर ने ये भी कहा कि "मुख्यमंत्री ने शनिवार से आतंक जैसी स्थिति पैदा कर दी है।"