कर्नाटक भूमि मंजूरी नियमावली, 1969 के नियम 19 के तहत सरकारी भूमि को विभिन्न उपयोग के लिए अधिकतम 30 सालों के लिए लीज पर देने का प्रावधान है और यह अवधि पूर्ण होने पर जिलाधिकारियों को लीज को अगले 5 सालों के लिए नवीकृत का अधिकार है।
बेंगलूरु. राज्य सरकार ने निजी संस्थाओं को विभिन्न उद्देश्यों के लिए लिए ठेके या लीज पर दी गई सरकारी जमीन स्थाई रूप से देने का आदेश जारी किया है।
कर्नाटक भूमि मंजूरी नियमावली, 1969 के नियम 19 के तहत सरकारी भूमि को विभिन्न उपयोग के लिए अधिकतम 30 सालों के लिए लीज पर देने का प्रावधान है और यह अवधि पूर्ण होने पर जिलाधिकारियों को लीज को अगले 5 सालों के लिए नवीकृत का अधिकार है।
आदेश में कहा गया है कि फिलहाल लॉकडाउन के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इस वजह से लीज या ठेके पर दी गई भूमि को उसी उपयोग के लिए स्थाई रूप से मंजूर करने की मांग करने की स्थिति में उक्त भूमि को मौजूदा गाइडेन्स वेल्यू के आधार पर मंजूर किया जा सकता है।
यदि ठेकाधारी दूसरे मकसद के लिएजमीन मांगे तो गाइडेंस वेल्यू से दोगुने मूल्य पर केवल एक बार के लिए स्थाई रूप से मंजूर किया जा सकेगा। यदि कोई लीजधारक भूमि को स्थाई तौर पर मंजूर करवाने का इच्छुक नहीं हो तो ऐेसी ठेके पर दी गई भूमि का स्थलीय निरीक्षण करके बिना उपयोग में ली गई खुली जमीन सरकारी कब्जे में वापस लेने का भी निर्णय किया गया है।