राजनीति

Punjab: ‘पंज प्यारे’ पर टिप्पणी से उठे बवाल के बाद हरीश रावत ने मांगी माफी, बोले- झाड़ू लगाकर करूंगा प्रायश्चित

Punjab कांग्रेस में चल रहे अंदरुनी कलह के बीच प्रदेश प्रभारी हरीश रावत के पंज प्यारे वाले बयान पर मचा बवाल, मामले को तूल पकड़ता देख रावत ने मांगी माफी
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Updated: 1 Sep 2021, 12:32 PM IST
Hairsh Rawat

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस (Congress) प्रभारी हरीश रावत ( Harish Rawat ) ने ‘पंज प्यारे’ वाली टिप्पणी से उठे बवाल के बाद माफी मांग ली है। दरअसल कांग्रेस नेता मंगलवार को पार्टी नेताओं से मिलने और उनकी समस्याएं सुनने चंडीगढ़ पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) और चार कार्यकारी अध्यक्षों को ‘पंज प्यारे’ कहा था। उनकी इस टिप्पणी को लेकर बवाल मच गया। अकालीदल ने हरीश रावत के इस बायन पर आपत्ति जताते हुए उनकी इस्तीफे तक की मांग कर डाली। हालांकि बवाल बढ़ता देख हरीश रावत ने माफी मांग ली है।

ये बोले थे रावत
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा था, ‘पीसीसी प्रमुख, उनकी टीम और हमारे ‘पंज प्यारे’ (नवजोत सिंह सिद्धू और 4 कार्यकारी अध्यक्षों) के साथ चर्चा करना मेरी जिम्मेदारी थी।’ सिद्धू ने मुझे बताया है कि चुनाव को लेकर संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा तेज कर दी जाएगी, निश्चिंत रहें, पंजाब कांग्रेस कमिटी ( PCC ) काम कर रही है।’

अकाली नेता दलजीत चीमा ने जताई आपत्ति
रावत की इसी टिप्पणी को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने आपत्ति जताई थी। अकाली नेता ने कहा था कि अपने इस बयान के लिए रावत को माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।

चीमा ने कहा था कि, ‘मैं पंजाब सरकार से कांग्रेस के हरीश रावत के खिलाफ पीसीसी प्रमुख और उनकी टीम को 'पंज प्यारेट कहकर सिख भावनाओं को आहत करने के लिए मामला दर्ज करने का आग्रह करता हूं। उन्हें पता होना चाहिए कि पंज प्यारे का सिख धर्म में महत्व है। अपनी टिप्पणी के लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. यह मजाक नहीं है।'

बता दें कि पंजाब में कांग्रेस का अंदरुनी कलह पहले से ही जारी है। नवजोत सिंह सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कामकाज पर सवाल खड़े कर देते हैं। रावत के दौरे से कुछ दिन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमे से जुड़े चार मंत्रियों और पार्टी के 10 से अधिक नेताओं ने चुनावी वादे पूरे नहीं होने के मुद्दे पर सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ विद्रोह का झंडा बुलंद किया था।

पंजाब में कांग्रेस का एक ही खेमा
वहीं इस बवाल को लेकर हरीश रावत ने कहा है कि पार्टी की राज्य इकाई में कोई विवाद नहीं है और केवल एक खेमा है जो कांग्रेस का खेमा है। रावत ने कहा कि यदि कोई समस्या है तो उसका समाधान करना उनका काम है।

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