आगामी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन। अमित शाह ने आडवाणी से कई मामलों पर की चर्चा। राम मंदिर आंदोलन का आडवाणी ने किया नेतृत्व।
नई दिल्ली। आगामी 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले गतिविधियां तेज हो गई हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से भेंट की। गृहमंत्री अमित शाह करीब आधे घंटे तक लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर मौजूद रहे। हाल ही में हुए कई घटनाक्रमों के चलते गृहमंत्री अमित शाह की आडवाणी से इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
लालकृष्ण आडवाणी भी अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आगामी 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन पर अयोध्या जाने वाले हैं। मुलाकात के दौरान अमित शाह ने आडवाणी की बेटी से उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा भी की। इसके अलावा उनके अयोध्या दौरे को लेकर आडवाणी की हामी भी जानी है।
दरअसल, लाल कृष्ण आडवाणी की उम्र लगभग 93 साल है। लिहाज़ा उनकी अयोध्या यात्रा को लेकर अमित शाह ने उनकी बेटी से बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी से बातचीत भी हुई।
इसके अलावा अयोध्या में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी की आगामी 24 जुलाई को सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी होनी है। आडवाणी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगे। आडवाणी को सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान कोर्ट के सामने दर्ज कराना है। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी 23 जुलाई को आडवाणी से पहले अपना बयान दर्ज कराएंगे।
बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के वह वरिष्ठ नेता हैं, जिन्होंने 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व किया था। भूमि पूजन के अवसर पर ट्रस्ट की ओर से आडवाणी को भी बुलाए जाने की पुरजोर चर्चाएं हैं।
सूत्रों के मुताबिक भूमि पूजन के महाआयोजन में 50 से अधिक वीवीआईपी ही शामिल हो सकेंगे इस समारोह में पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। अयोध्या के पांच से छह क्षेत्रों में बड़े स्क्रीन लगाए जाएंगे ताकि श्रद्धालु भी भूमि पूजन का आनंद उठा सकें।
शनिवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई। ये बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। इसमें अभी मंदिर परिसर में जमीन को बराबर करने और पैमाइश का काम चल रहा है। निर्माण का काम प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद ही शुरू किया जाएगा।
भूमि पूजन में 40 किलो चांदी की ईंट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास की मानें तो भूमि पूजन के अनुष्ठान 3 अगस्त से ही शुरू कर दिए जाएंगे और काशी के विद्वान पंडितों द्वारा इसे पूरा किया जाएगा। कोरोना महामारी के चलते आयोजन में सीमित संख्या में लोग ही आएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी 40 किलो की चांदी की ईंट रखकर इसका शुभारंभ करेंगे। जमीन से साढ़े तीन फिट अंदर रखी जाने वाली इसे ईंट में नक्षत्रों का प्रतीक बना होगा। प्रस्तावित मंदिर में एक विश्व स्तरीय संग्रहालय भी बनाया जाएगा। यहां पर लोग राम जन्मभूमि स्थल से खुदाई में मिलीं पुरातात्विक कलाकृतियों को देख सकेंगे।